छत्तीसगढ़

सुशासन की बयार : उर्मिला के सपनों को मिला पक्का मकान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी ‘सुशासन तिहार 2026’ ग्रामीण इलाकों में बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरेदा में एक जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया, जो स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। इस शिविर में गुरेदा गांव की रहने वाली श्रीमती उर्मिला कुंभकार भी शामिल हुईं। उन्होंने बेहद खुशी के साथ साझा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका नया पक्का घर अब पूरी तरह तैयार हो चुका है और शिविर में उन्हें इसका आधिकारिक पूर्णता प्रमाण पत्र भी सौंप दिया गया है।

श्रीमती उर्मिला ने भावुक होते हुए बताया कि अपने कच्चे घर में रहते हुए उन्होंने वर्षों तक एक पक्के मकान की उम्मीद संजोए रखी थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में उनका यह पुराना सपना आखिरकार सच साबित हुआ है। उन्हें वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत मकान की मंजूरी मिली थी। इसके बाद, प्रशासन से समय पर किश्तें मिलती गईं और उन्होंने बिना किसी रुकावट के अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।

बहुआयामी लाभ: उर्मिला केवल आवास तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे सरकार की कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

उर्मिला ने बताया कि उन्हें ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ के जरिए सिलाई मशीन भी मिली है, जिससे वे अब घर बैठे ही सिलाई का काम कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। इसके अलावा, उन्हें हर महीने ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि भी नियमित रूप से मिल रही है। इन तमाम योजनाओं से उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। इस बेहतरीन मदद के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दिल से आभार जताया।

इस विशेष शिविर के दौरान दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य और कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की मौजूदगी में उर्मिला के साथ-साथ चंदूलाल और घसिया बाई को भी उनके नए घरों के पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सभी हितग्राहियों ने इस पारदर्शी और त्वरित प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की।

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