छत्तीसगढ़

बिजली बिल माफी योजना : घुरविंद दास महंत को मिली बड़ी आर्थिक राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का ‘सुशासन तिहार’ दूरदराज के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की रोजमर्रा की दिक्कतों को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य भर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही लोगों की शिकायतों का निपटारा करना है, जिससे ग्रामीणों का भरोसा व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है।

इसी अभियान के तहत कोरबा जिले के चुइया गाँव के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर घुरविंद दास महंत की एक बड़ी चिंता का अंत हुआ। घुरविंद अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं। आर्थिक तंगी और रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने के कारण वे लंबे समय तक अपने घर का बिजली बिल नहीं चुका पाए थे। नतीजा यह हुआ कि उनका बकाया बढ़कर तकरीबन 90 हजार रुपये तक पहुँच गया, जिससे उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव में था।

जब घुरविंद को गाँव में ही लग रहे समाधान शिविर का पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर वहाँ पहुँचे। बिजली विभाग के अधिकारियों ने उनकी पात्रता को देखते हुए उन्हें ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ की जानकारी दी।

प्रशासनिक टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके घर जाकर मीटर की जाँच की और योजना के प्रावधानों के तहत उनका लगभग 40 हजार रुपये का बिजली बिल माफ कर दिया। इसके साथ ही बची हुई रकम को चुकाने के लिए उन्हें आसान किश्तों की सहूलियत भी दी गई।

हैरानी की बात यह रही कि आवेदन करने के महज डेढ़ घंटे के भीतर घुरविंद की इस बड़ी समस्या का समाधान हो गया। इस त्वरित मदद से अभिभूत होकर घुरविंद दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया और कहा कि यह योजना उनके जैसे गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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