छत्तीसगढ़

जशपुर में विकास की गति बढ़ाने के निर्देश : प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी की दोटूक, कोताही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

जशपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त एवं जशपुर जिला प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने प्रशासनिक अमले को सख्त चेतावनी दी है। जिला पंचायत सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जशपुर मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, इसलिए यहाँ विकास कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित और जारी परियोजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

शिलापट्ट लगाने में देरी पर सख्त ऐक्शन की चेतावनी

बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जशपुर को बीते एक दशक की तुलना में सबसे ज्यादा विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जिन भी निर्माण कार्यों का भूमिपूजन या लोकार्पण हो चुका है, उनके शिलापट्ट स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तुरंत गांवों में लगाए जाएं। यदि किसी क्षेत्र से शिलापट्ट न लगाए जाने या उनके उपेक्षित पड़े होने की शिकायत मिली, तो संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं को स्वरोजगार ऋण और किसानों को नकदी फसलों का विकल्प

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री ने दो मुख्य रणनीतियों पर जोर दिया:

महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि को ‘समृद्धि सुकन्या योजना’ जैसी बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए महिलाओं को जागरूक किया जाए। इसके साथ ही, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘महतारी शक्ति ऋण योजना’ के जरिए बेहद कम ब्याज पर 25 हजार रुपये तक का बिजनेस लोन आसानी से उपलब्ध कराया जाए।

आधुनिक कृषि: पारंपरिक फसलों के बजाय किसानों को लीची, केला और उन्नत मत्स्य पालन जैसे ज्यादा मुनाफे वाले क्षेत्रों से जोड़ा जाए। उन्होंने कृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए सोसायटियों में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा।

जशपुर की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा

कलेक्टर रोहित व्यास ने बैठक में जिले के बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि:

मेडिकल कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, क्रिटिकल केयर सेंटर और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

पंडरापाठ (सन्ना) में विशेष रूप से पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के बच्चों के लिए ‘विशेष तीरंदाजी केंद्र’ की शुरुआत हो चुकी है।

जशपुर और कुनकुरी में ‘नालंदा परिसर’ (हाईटेक लाइब्रेरी) तथा सलियाटोली में ‘एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट’ पर तेजी से काम हो रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था: सीसीटीवी और सोशल मीडिया से जागरूकता

जिले की कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने संवेदनशील चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी साझा किया कि जिले में सड़क सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर एक विशेष हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 2,000 से अधिक स्थानीय नागरिकों के अपील वीडियो जारी किए जा चुके हैं।

इस विस्तृत बैठक में सुशासन तिहार, मनरेगा, पीएम आवास योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना समेत 24 से अधिक विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। बैठक में स्थानीय विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्रीमती गोमती साय समेत जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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