जन-कल्याण की बयार : बीजापुर के कुटरु शिविर में भीषण गर्मी के बावजूद उमड़ी ग्रामीणों की भारी भीड़

बीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत बीजापुर जिले के कुटरु में एक विशाल जन-समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों में शासकीय योजनाओं को लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखी गई। चिलचिलाती धूप और कड़े तापमान की परवाह किए बिना, आस-पास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने ग्रामीणों से शासन की लोक-कल्याणकारी नीतियों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण तथा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन जैसी प्रमुख योजनाओं के महत्व और उनके दूरगामी लाभों को रेखांकित किया।
इस वृहद् आयोजन में गुदमा, कोमपल्ली, केतुलनार, सकनापल्ली, अड़ावली, अम्बेली, कुटरु, मंगापेठा, दरभा, उसकापटनम, करकेली, हुर्रागुबाली, फरसेगढ़, रानीबोदली, सागमेटा, पेंकरम और मण्डेम सहित कई ग्राम पंचायतों के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।
‘बस्तर मुन्ने’ पहल: हर पात्र नागरिक तक पहुँचने का संकल्प
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने ‘बस्तर मुन्ने’ (बस्तर के बच्चे/आगे बढ़ते कदम) अभियान के मूल उद्देश्यों को साझा करते हुए कहा कि प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों को अपने आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त रखने और प्रशासनिक अमले के साथ समन्वय बनाने की सलाह दी।
अतिथियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में शासन की अधिकांश वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिसके लिए बैंक खातों का अपडेट होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
प्रशासनिक मंच पर सामाजिक उत्सव की झलक
इस शिविर में उस समय बेहद भावुक और आत्मीय माहौल बन गया, जब महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। यहाँ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए गर्भवती माताओं की गोद भराई की रस्म अदा की गई और छह महीने की आयु पूरी कर चुके नवजातों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अनूठी पहल ने एक गंभीर प्रशासनिक आयोजन को आत्मीय पारिवारिक उत्सव का रूप दे दिया।
दो दर्जन से अधिक विभागों ने दी अपनी सेवाएं
ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं देने के उद्देश्य से 24 से अधिक सरकारी विभागों ने अपने काउंटर लगाए थे। यहाँ आवेदकों को तत्काल राहत पहुँचाने का प्रयास किया गया:
आवास और सुरक्षा: प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके नए पक्के मकानों की चाबियां सौंपी गईं।
सशक्तिकरण: समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।
कृषि एवं आजीविका: राजस्व, मत्स्य और कृषि विभाग द्वारा किसानों एवं संबंधित क्षेत्र के लोगों को इनपुट सामग्रियां वितरित की गईं।
सूचना का अधिकार: जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों से जुड़ी मार्गदर्शिकाओं और सूचनात्मक साहित्यों का निःशुल्क वितरण किया गया।
शिकायतों के त्वरित निपटारे का मिला आश्वासन
इस मंच के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को लेकर आवेदन भी प्रस्तुत किए। उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी आवेदनों को पंजीकृत किया और उनके पारदर्शी व समयबद्ध निराकरण का भरोसा दिलाया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती दशरी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति आरकी, जनपद उपाध्यक्ष श्री जितेंद्र लेकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम भैरमगढ़, जनपद पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
















