डिजिटल राशन प्रणाली : सीएम साय ने केंद्रीय कैबिनेट के ‘सार्थक-पीडीएस’ फैसले को बताया ऐतिहासिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले की सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘सार्थक-पीडीएस (SARTHAK-PDS) फेज-2’ योजना के लिए ₹25,530 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस कदम को देश के गरीब परिवारों के कल्याण, भोजन की सुरक्षा और बेहतर शासन की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से सरकारी राशन दुकान प्रणाली (PDS) पूरी तरह से तकनीक से जुड़ जाएगी, जिससे इस व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ेगी।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी वितरण व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार हर गरीब तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘सार्थक-पीडीएस फेज-2’ के तहत राशन व्यवस्था को सुधारने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जैसे:
एआई (AI) आधारित लाभार्थी सूची: सही और जरूरतमंद लोगों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग।
सप्लाई चेन और जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग: राशन ले जाने वाले वाहनों की लाइव निगरानी।
क्यूआर कोड और रियल-टाइम मॉनिटरिंग: अनाज के उठाव और वितरण पर तुरंत नजर रखना।
इन बदलावों से पात्र परिवारों को बेहद आसान और पारदर्शी तरीके से समय पर सस्ता अनाज मिल सकेगा।
राशन दुकान संचालकों को भी मिलेगा आर्थिक संबल
इस योजना की बारीकियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ तकनीक सुधारने का फैसला नहीं है, बल्कि इससे राज्यों को भी बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। राशन के परिवहन, रखरखाव और उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) को चलाने में आने वाले खर्च के लिए केंद्र सरकार आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा, जमीन पर काम करने वाले राशन डीलरों के मानदेय (पारिश्रमिक) में बढ़ोतरी करने का भी प्रावधान है, जिससे पूरी व्यवस्था और अधिक सक्रिय होकर काम करेगी।
2031 तक करोड़ों गरीबों को मिलेगा सुरक्षा कवच
यह महत्वाकांक्षी योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी। मुख्यमंत्री को पूरा भरोसा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। ब्लॉकचेन, मशीन लर्निंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक तरीकों से सिस्टम में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले का असली मकसद समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसका हक पहुंचाना है। उन्होंने गरीबों के जीवन को आसान बनाने और सुशासन को मजबूत करने वाले इस संवेदनशील निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त किया।
















