छत्तीसगढ़

बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ बना ग्रामीण सुशासन का नया चेहरा, सीएम साय ने की सराहना

कोंडागांव। ग्रामीण इलाकों तक डिजिटल सुविधाओं को सीधे पहुँचाने और सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए कोंडागांव जिले का ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है। यहाँ शुरू किए गए ‘सेवा सेतु’ अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर डिजिटल सुशासन की तारीफ की और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत कर उनका फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि गाँव के लोगों को छोटी-मोटी सरकारी सेवाओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी जनकल्याणकारी नीतियां पारदर्शी और सीधे तरीके से ग्रामीणों के घर के पास ही उपलब्ध हों।

महिलाओं और किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए गाँव की कई महिला लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए:

श्रीमती कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की राशि सीधे उनके खातों में आ रही है, जिससे घर खर्च और खेती की जरूरतों में बड़ी मदद मिल रही है।

सुमति मानिकपुरी, अमिल मानिकपुरी और पचमती बघेल ने साझा किया कि इस योजना से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं।

वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रही श्रीमती वेंकटरमणा जंगम ने भी समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता पर खुशी जाहिर की।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर गरीब, किसान और महिला तक योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और बिचौलियों के पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

एक ही छत के नीचे डिजिटल समाधान

‘सेवा सेतु’ मॉडल ने बड़ेकनेरा में प्रशासन की पूरी तस्वीर बदल दी है। अब ग्रामीणों को बेहद कम शुल्क (आवेदन के लिए मात्र ₹30 और प्रिंट के लिए ₹5 प्रति पेज) पर दर्जनों जरूरी दस्तावेज गाँव में ही मिल जाते हैं। इसके तहत:

आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, और जन्म-मृत्यु पंजीयन जैसी कागजी औपचारिकताएं गाँव में ही पूरी हो रही हैं।

बैंकिंग सेवाएं जैसे कैश निकालना, फंड ट्रांसफर, बिजली बिल का भुगतान, और बीमा (कृषि व जीवन बीमा) की सुविधा भी केंद्र पर मौजूद है।

इसके अलावा, पैन कार्ड, पासपोर्ट आवेदन और यात्रा टिकट बुकिंग के लिए भी ग्रामीणों को अब शहर भागने की जरूरत नहीं पड़ती।

लाखों का लेन-देन और स्थानीय युवाओं को रोजगार

इस डिजिटल क्रांति से न सिर्फ ग्रामीणों का समय और पैसा बच रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए कमाई के रास्ते भी खुले हैं। केंद्र के सेवा सेतु मैनेजर संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस सेंटर के जरिए हर महीने करीब 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन (लेन-देन) हो रहा है।

बड़ेकनेरा का यह ‘सेवा सेतु’ मॉडल अब छत्तीसगढ़ के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण बन चुका है।

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