छत्तीसगढ़

‘जल जीवन मिशन’ से बरवासन गाँव में मिटा पानी का दर्द : अब हर आँगन आ रही खुशहाली

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड में स्थित बरवासन ग्राम पंचायत आज ग्रामीण विकास का एक चमकता हुआ उदाहरण बन गई है। कभी पानी की भारी किल्लत से जूझने वाले इस गाँव के चेहरे पर अब संतोष और आत्मविश्वास साफ नजर आता है, और इसका श्रेय जाता है ‘जल जीवन मिशन’ को।

केंद्र सरकार की इस खास योजना ने बरवासन की पूरी सूरत बदल दी है। जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर बसे इस गाँव की आबादी 1,367 है। यहाँ के सभी 350 परिवारों को अब उनके घरों में ही रोजाना साफ और सुरक्षित पानी मिल रहा है, जिससे उनकी बरसों पुरानी परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो गई है।

₹1.38 करोड़ से तैयार हुआ आधुनिक वाटर सिस्टम

गाँव में पानी की निर्बाध सप्लाई के लिए लगभग 1 करोड़ 38 लाख 75 हजार रुपये की लागत से एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत गाँव में ये निर्माण कार्य किए गए हैं:

40 हजार लीटर क्षमता की 12 मीटर ऊँची मुख्य पानी टंकी (ओवरहेड टैंक)।

10-10 हजार लीटर क्षमता वाली 5 जी.आई. स्ट्रक्चर टंकियाँ।

गाँव में कुल 90 हजार लीटर पानी स्टोर करने की क्षमता विकसित की गई है।

पिछले छह महीनों से इस नई व्यवस्था के जरिए ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध पेयजल मिल रहा है, जिससे पानी की क्वालिटी और सप्लाई दोनों में बड़ा सुधार हुआ है।

खत्म हुआ पानी के लिए मीलों का सफर

इस योजना के शुरू होने से पहले बरवासन के लोगों, खासकर महिलाओं की जिंदगी बेहद संघर्षपूर्ण थी। उन्हें हैंडपंपों या दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोने के लिए रोज कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। गर्मियों में स्थिति और बदतर हो जाती थी जब पानी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था। अब घर-घर नल लग जाने से यह सिरदर्द पूरी तरह खत्म हो गया है।

बदली महिलाओं और बच्चों की जिंदगी: गाँव की निवासी श्रीमती उर्मिला ने बताया कि पहले पानी लाने में ही बहुत सारा समय और ताकत बर्बाद हो जाती थी। अब घर में नल आने से रोजमर्रा के काम आसान हो गए हैं। महिलाओं को अब परिवार और अन्य जरूरी कामों के लिए वक्त मिलने लगा है। वहीं, बच्चों को भी अब पानी जुटाने के काम से मुक्ति मिल गई है, जिससे वे अपनी पढ़ाई और खेलकूद पर पूरा ध्यान दे पा रहे हैं।

बेहतर सेहत और सुधरता जीवन स्तर

घर पर ही साफ पानी मिलने से गाँव के स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर में बड़ा सुधार आया है। दूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ अब न के बराबर रह गई हैं। सुरक्षित पेयजल ने ग्रामीणों के रहन-सहन के स्तर को ऊपर उठाया है और उनमें साफ-सफाई को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है।

यह सफलता दिखाती है कि जब सरकारी योजनाएँ जमीन पर सही तरीके से उतरती हैं, तो उनका सीधा फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता है। बरवासन गाँव आज छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बन चुका है।

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