बढ़ते अपराधों पर मुख्यमंत्री तत्काल समीक्षा बैठक बुलाएं, कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई : सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के कारण आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से कानून व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने की मांग की है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लूट, चाकूबाजी और हत्या जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेआम हत्या और हिंसक वारदातों के बावजूद अपराधियों में पुलिस का भय दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के मन में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
कांग्रेस नेता ने रायपुर में लागू पुलिस कमिश्नरी प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह व्यवस्था अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को अब बिगड़ती कानून व्यवस्था की जवाबदेही तय करनी चाहिए तथा स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश में बढ़ते अपराधों का उल्लेख करते हुए शुक्ला ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गोलीबारी और हत्या की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने रायपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, मस्तुरी, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कवर्धा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की राजधानी में बमबाजी और हथियारों से जुड़े मामलों ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि अपराध नियंत्रण में पुलिस और प्रशासन की प्रभावी भूमिका दिखाई नहीं दे रही है, जिसके कारण प्रदेश के अनेक शहरों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
सुशील आनंद शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का उपयोग करने में अधिक रुचि ले रही है। उन्होंने कहा कि अपराध रोकना सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में अपराधी तत्व बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से कानून व्यवस्था को लेकर व्यापक समीक्षा करने, अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति बनाने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास बहाल करने की मांग की है।
















