कबीरधाम में स्वच्छता को लेकर नई पहल : ‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के “स्वच्छ छत्तीसगढ़-समृद्ध छत्तीसगढ़” के सपने को पूरा करने के लिए कबीरधाम जिले में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू और कलेक्टर गोपाल वर्मा की देखरेख में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य कचरे का सही तरीके से निपटान करना और आम जनता की सोच व आदतों में बदलाव लाना है।
चार रंगों के डस्टबिन से होगा कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन
एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत अक्टूबर 2026 तक जिले की 60 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन का नया सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत घरों और सार्वजनिक जगहों पर चार अलग-अलग रंगों के डिब्बे रखे जा रहे हैं:
हरा डिब्बा: गीले कचरे के लिए (जिससे जैविक खाद बनाई जाएगी)।
नीला डिब्बा: सूखे कचरे के लिए (जो रीसाइक्लिंग और आमदनी का जरिया बनेगा)।
लाल डिब्बा: सेनेटरी वेस्ट के लिए।
काला डिब्बा: घरेलू हानिकारक और खतरनाक कचरे के लिए।
इस वर्गीकरण से न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि सेहत को होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकेगा।
स्वच्छता दीदियां निभा रही हैं मुख्य भूमिका
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नारे “कचरा अलग करेंगे, बीमारी भगाएंगे” को जमीन पर उतारने के लिए स्वच्छता दीदियां और प्रशासनिक टीम गांवों में लगातार काम कर रही हैं। ये दीदियां घर-घर जाकर ग्रामीणों को चारों तरह के कचरों को अलग-अलग रखने की समझाइश दे रही हैं। साथ ही लोगों को सड़कों, नालियों या खुले में कचरा न फेंकने और इसे न जलाने की सलाह दी जा रही है।
जनआंदोलन में बदल रही स्वच्छता मुहिम
पर्यावरण को बचाने के लिए इस अभियान के तहत सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने और कपड़े या जूट के थैलों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस अभियान को एक बड़ा जनआंदोलन बनाने के लिए गांवों में ग्राम सभाओं, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस मुहिम का असली मकसद हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना है, ताकि स्वच्छता उनकी आदत बन जाए। आने वाले समय में जिले की सभी पंचायतों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक संजय सोनी के अनुसार, जनभागीदारी के जरिए ही कबीरधाम को एक स्वच्छ और स्वस्थ जिला बनाया जा सकता है।
















