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सप्तम माह के अंतराल के पश्चात ISRO का पुनः सक्रिय होने का प्रयास : सितंबर में GISAT-1A के प्रक्षेपण की योजना

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) पिछले लगभग सात महीनों से जारी अपनी लॉन्चिंग गतिविधियों के ठहराव को समाप्त करने जा रहा है। विगत अभियानों में आई तकनीकी बाधाओं के बाद, इसरो सितंबर के प्रथम सप्ताह में श्रीहरिकोटा स्थित केंद्र से अर्थ ऑब्जर्वेशन उपग्रह GISAT-1A (EOS-05) को प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद, नवंबर माह में NVS-03 के प्रक्षेपण की संभावना है।

GISAT-1A की प्रमुख विशेषताएँ

यह एक उन्नत जियो-इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसे वर्ष 2021 के निष्फल रहे GISAT-1 (EOS-03) मिशन के विकल्प के रूप में तैयार किया गया है। EOS-03 रॉकेट के अंतिम चरण में इग्निशन न हो पाने के कारण अपनी निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुँच सका था। लगभग 10 वर्षों के कार्यकाल के लिए निर्मित GISAT-1A के माध्यम से व्यापक भू-भागों की निरंतर निगरानी की जा सकेगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन, कृषि और वानिकी क्षेत्र को महत्वपूर्ण डेटा मिलेगा।

नवंबर में NVS-03 के प्रक्षेपण की तैयारी

GISAT-1A के पश्चात NVS-03 को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है, जिसके लिए सैटेलाइट में ईंधन भरने का कार्य पूर्ण हो चुका है। पूर्ववर्ती मिशन NVS-02 के अपनी तय कक्षा में न पहुँच पाने के कारण यह प्रक्षेपण अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारत प्रणालीगत रूप से स्वतंत्र NavIC नेविगेशन सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।

विगत अभियानों की चुनौतियाँ (2025–2026)

जनवरी 2026: 12 जनवरी को PSLV-C62/EOS-N1 मिशन तीसरे चरण में आई खराबी के कारण असफल रहा था।

वर्ष 2025 के मिशन: 2025 में प्रक्षेपित 5 अभियानों में से PSLV-C61 (EOS-9) तीसरे चरण की गड़बड़ी से विफल हुआ, जबकि GSLV-F15 (NVS-02) ऑर्बिट-रेज़िंग प्रक्रिया में त्रुटि के कारण कक्षा तक नहीं पहुँच सका। हालाँकि, NASA के साथ संयुक्त रूप से विकसित NISAR सैटेलाइट (GSLV-F16) का प्रक्षेपण सफल रहा था।

आगामी लक्ष्य एवं योजनाएँ

वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसरो ने 2025–26 में 15 तथा 2026–27 में 27 मिशन संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। वर्ष 2026–27 के रोडमैप में 5 SSLV, 4 PSLV, 3 GSLV, 1 LVM3 तथा गगनयान कार्यक्रम के अंतर्गत 4 प्रक्षेपण शामिल हैं। सितंबर से आरंभ हो रहे इस नए चरण से इसरो की गतिविधियों में पुनः तेज़ी आने की अपेक्षा है।

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