छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना का आगाज़ : गांवों में आजीविका और विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना की शुरुआत हो गई है। छत्तीसगढ़ में इस महत्वाकांक्षी योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया।

इस गरिमामयी समारोह में सूबे के उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से डिजिटल माध्यम (वर्चुअल) से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना को लॉन्च किया और छत्तीसगढ़ के मुख्य कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

योजना की मुख्य विशेषताएं और बड़े बदलाव

बढ़ी दिहाड़ी और कार्य दिवस: नई योजना के लागू होने से अब मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिल सकेगा। इसके साथ ही अकुशल मजदूरों की दैनिक मजदूरी को 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।

मिलेगा जीआरजी कार्ड: अब पुराने जॉब कार्ड के स्थान पर नया जीआरजी (GRG) कार्ड जारी किया जाएगा। छत्तीसगढ़ जॉब कार्ड की केवाईसी (KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

318 प्रकार के कार्यों को मंजूरी: इस अभियान के दायरे में कुल 318 तरह के विकास कार्यों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं:

जल संरक्षण: 107 कार्य (डबरी, चेकडैम, वर्षा जल संचयन और नहर लाइनिंग आदि)।

ग्रामीण बुनियादी ढांचा: 90 कार्य (ग्रामीण सड़कें, धरसा, मुरमीकरण, शेड निर्माण)।

आजीविका संवर्धन: 86 कार्य (कोल्ड स्टोरेज, सामुदायिक आटा चक्की, खाद-खाद्यान्न गोदाम, कृषि एवं हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र)।

आपदा प्रबंधन: 35 कार्य।

केंद्र से ₹3,300 करोड़ का प्रावधान: डिप्टी सीएम विजय शर्मा

समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ रोजगार देने का जरिया नहीं है, बल्कि ‘विकसित गांवों से विकसित भारत’ के सपने को सच करने का महाअभियान है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों और रोजगार की कोई कमी नहीं होगी।

“वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए गांवों को तीन श्रेणियों (A, B, और C) में बांटकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। प्रदेश में पिछले ढाई साल के भीतर 11 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूरे किए जा चुके हैं।”
— विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री

इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने इसे प्रदेश के ग्रामीण इतिहास का एक ऐतिहासिक मोड़ बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

गंडईखुर्द को मिली राज्य की पहली सौगात

योजना के शुभारंभ के साथ ही ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही गंडईखुर्द ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत विकास कार्य की स्वीकृति पाने वाली छत्तीसगढ़ की पहली ग्राम पंचायत बन गई है।

जन-जागरूकता के लिए बनी मानव श्रृंखला और हुआ पौधरोपण

मानव श्रृंखला: योजना के प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को इसके लाभ समझाने के लिए उपमुख्यमंत्री, विधायकों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं ने मिलकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई।

पर्यावरण संरक्षण: इस मौके पर प्रकृति को सहेजने के संकल्प के साथ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया।

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