सीएम साय ने बोर्ड परीक्षा के होनहारों को सराहा, दिया सफलता का मूलमंत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती जिला कार्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान बोर्ड परीक्षाओं में राज्य व जिला स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनके सुनहरे भविष्य की कामना की और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित किया।
दृढ़ संकल्प और मेहनत से हासिल होता है मुकाम: मुख्यमंत्री
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्र-छात्राओं से बेहद आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनके करियर के सपनों, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जाना।
ऊँचे सपनों को सराहना: विद्यार्थियों ने चर्चा के दौरान कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने की इच्छा जताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने उनके बुलंद हौसलों की तारीफ की।
सफलता की कुंजी: मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, लगातार पढ़ाई और कड़ी मेहनत ही कामयाबी का असली रास्ता हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्र बड़े लक्ष्य तय कर पूरी ईमानदारी से जुट जाते हैं, उन्हें सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में रेखांकित किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उनके समग्र विकास के अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हर युवा की प्रतिभा को निखारना है ताकि वे आगे चलकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और देशभक्ति की भावना को भी अपनाने की अपील की।
“आज सम्मानित होने वाले बच्चे न सिर्फ अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। इनकी यह बड़ी उपलब्धि अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख जन-प्रतिनिधि व अधिकारी
इस गौरवशाली सम्मान समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा सक्ती कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक (SP) श्री प्रफुल्ल ठाकुर, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में आम नागरिक भी इस पल के साक्षी बने।
















