छत्तीसगढ़ में ‘वीबी-जी राम-जी योजना’ से बदलेगी गांवों की तस्वीर : स्थानीय रोजगार और जल संवर्धन पर सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों का कायाकल्प करने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में 1 जून 2026 से शुरू हुई ‘वीबी-जी राम-जी योजना’ अब धरातल पर रंग लाने लगी है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अपने गांव में ही रोजगार देना, पानी की हर बूंद को सहेजना और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से न सिर्फ गांवों में स्थाई संपत्तियों का विकास होगा, बल्कि काम की तलाश में होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
इस योजना को लेकर जमीन पर काफी उत्साह देखा जा रहा है। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सेम्हराडीह गांव के रहने वाले श्रमिक हीरामन साहू ने बताया कि गांव के भीतर ही काम मिलने से अब मजदूरों को बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार के इन प्रयासों से ग्रामीणों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी।
इन कार्यों को दी जा रही है प्राथमिकता:
योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इससे पर्यावरण और कृषि दोनों को सीधा फायदा पहुंचे। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित काम किए जा रहे हैं:
जल और भूमि संरक्षण: तालाबों का निर्माण व उनका जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन (रैन वॉटर हार्वेस्टिंग), मेढ़बंदी, खेतों का समतलीकरण और नालों का उपचार।
हरियाली और पशुपालन: बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और मवेशियों के लिए चारागाहों का विकास।
बुनियादी ढांचा: गांवों को जोड़ने वाली सड़कें और सामुदायिक भवनों का निर्माण।
इन सभी कार्यों से जहां एक ओर भूजल स्तर में सुधार होगा और सिंचाई के साधन बढ़ेंगे, वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी को भी नया बढ़ावा मिलेगा। योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिलाओं, दिव्यांगों और समाज के पिछड़े व वंचित वर्गों को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है, ताकि विकास की इस नई धारा का लाभ हर एक व्यक्ति तक समान रूप से पहुंच सके।
















