‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए लोक निर्माण विभाग बनेगा राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर के ‘निर्माण भवन’ में विभागीय कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) छत्तीसगढ़ के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ है, जिस पर राज्य की पूरी बुनियादी संरचना (Infrastructure) को मजबूत करने का जिम्मा है। उन्होंने अधिकारियों को पुरानी कार्यशैली को छोड़कर पूरी सक्रियता से काम करने की हिदायत दी।
मुख्य निर्देश और रणनीतियां:
बरसात के बाद शुरू होगा ताबड़तोड़ काम: उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर सितंबर-अक्टूबर 2026 तक नए प्रोजेक्ट्स के वर्क ऑर्डर (कार्यादेश) जारी कर दिए जाएं, ताकि बारिश खत्म होते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू हो सके।
समय पर भुगतान और कड़ा रुख: ठेकेदारों के काम का हर महीने मूल्यांकन कर समय पर बिल भुगतान करने को कहा गया है। इसके साथ ही, समझौते (अनुबंध) के तहत काम न करने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा उनके टेंडर रद्द करने की सख्त चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों को फील्ड पर उतरने के आदेश: श्री साव ने कहा कि इंजीनियरों की दक्षता कागजों पर नहीं, बल्कि फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को जमीनी स्तर पर जाकर निर्माण कार्यों की बारीकी से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
जमीन अधिग्रहण के लिए लगेगी वर्कशॉप: भू-अर्जन (Land Acquisition) के मामलों में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए राजस्व विभाग के अफसरों के साथ मिलकर PWD के इंजीनियरों के लिए एक विशेष कार्यशाला (Workshop) आयोजित की जाएगी।
















