
फीफा विश्व कप 2026 : बेल्जियम को शिकस्त देकर अंतिम चार में पहुंचा स्पेन, अब फ्रांस से महामुकाबला
स्पोर्ट न्युज (एजेंसी)। लॉस एंजिल्स। मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किए गए जादुई गोल की बदौलत स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के रोमांचक क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से मात देकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेन ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपने अजेय रथ को लगातार 36वें मैच में भी बरकरार रखा है। अब फाइनल की रेस में स्पेन का सामना किलियन एमबाप्पे की मजबूत फ्रांसीसी टीम से होगा।
मेरिनो बने स्पेन के संकटमोचक
लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला गया यह नॉकआउट मुकाबला बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। मैच के 88वें मिनट तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं, लेकिन तभी बेल्जियम के युवा गोलकीपर सेन्ने लैमेंस की एक बड़ी चूक का फायदा उठाते हुए स्पेन के ‘सुपर सब’ मिकेल मेरिनो ने गेंद को नेट में डाल दिया। यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और इसने स्पेन को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
इससे पहले मैच का पहला गोल फेबियन रुइज ने किया था। यह मौका पेड्रो पोरो के लो क्रॉस और डैनी ओल्मो के शॉट के रिबाउंड पर बना था, जिसे रुइज ने गोल में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की।
लामिन यमाल का फिर दिखा जादू
स्पेन के 18 वर्षीय युवा सनसनी लामिन यमाल इस मैच में भी विरोधी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बने रहे। अपनी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर मैदान पर उतरे यमाल ने राइट विंग से बेल्जियम के डिफेंस को लगातार छकाया। हालांकि, किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह खुद गोल करने से चूक गए—उनका एक शॉट गोलपोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गया, जबकि दूसरे बेहतरीन प्रयास को बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर ने रोक लिया। इसके बावजूद, अपनी रफ्तार और ड्रिब्लिंग से उन्होंने मैच पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
चोटिल थिबॉट कर्टोइस की दर्दनाक विदाई
बेल्जियम के कप्तान और दिग्गज गोलकीपर थिबॉट कर्टोइस ने करीब एक घंटे तक दीवार की तरह खड़े रहकर स्पेन के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया। लेकिन दूसरे हाफ के दौरान वह अपनी बाईं जांघ में खिंचाव के कारण मैदान पर ही बैठ गए। गंभीर चोट के चलते उन्हें नम आंखों से मैदान छोड़ना पड़ा।
कर्टोइस की विदाई के समय पूरे स्टेडियम और दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खड़े होकर उनके जज्बे को सलाम किया। उनके स्थान पर आए सेन्ने लैमेंस दबाव को नहीं झेल सके और मैच के अंतिम पलों में उनकी एक गलती बेल्जियम की हार का कारण बन गई।
सेमीफाइनल में दिखेगा फ्रांस बनाम स्पेन का महासंग्राम
साल 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद स्पेन पहली बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है। कोच लुइस डे ला फुएंते के मार्गदर्शन में स्पेनिश टीम बेहद संतुलित और आक्रामक खेल दिखा रही है। दूसरी तरफ, डिडिएर डेसचैम्प्स की फ्रांस टीम लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। फुटबॉल फैंस के लिए यह मुकाबला लामिन यमाल बनाम किलियन एमबाप्पे की जंग के रूप में देखा जा रहा है, जिसे इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
















