डिजिटल सुशासन से बदल रही छत्तीसगढ़ की सूरत : मुख्यमंत्री साय की बड़ी पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी सुधार लागू किए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य अब पारंपरिक कार्यप्रणाली को छोड़कर पूरी तरह डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ रहा है। सरकार द्वारा लागू किए गए 435 प्रशासनिक सुधारों का सीधा लाभ किसानों, युवाओं, उद्यमियों और आम नागरिकों को मिल रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में किए गए प्रमुख सुधारों का विवरण नीचे दिया गया है:
- डिजिटल गवर्नेंस और प्रभावी मॉनिटरिंग
अटल मॉनिटरिंग पोर्टल: सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा और बेहतर क्रियान्वयन के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की गई है।
ई-ऑफिस प्रणाली: फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए ‘ई-ऑफिस’ और ‘मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल’ जैसे प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं, जिससे कागजी औपचारिकताएं कम हुई हैं।
- जनसमस्याओं का त्वरित निवारण: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076
जनता सीधे अपनी शिकायतें और सुझाव टोल-फ्री नंबर 1076 पर दर्ज करा सकती है।
इस व्यवस्था से शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं।
प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाती है, जिससे नागरिक अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
- ‘सेवा सेतु’ से घर-घर पहुंचीं सुविधाएं
नागरिकों को एक ही स्थान पर सरकारी सुविधाएं देने के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सेवा सेतु’ तैयार किया गया है।
वर्तमान में इस पर 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं, जिन्हें राज्य भर के 16,726 केंद्रों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाया जा रहा है।
इस प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित भुगतान, डिज़िलॉकर एकीकरण और डिजिटल प्रमाणीकरण जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
- औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल माहौल
सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: उद्योगों की स्थापना के लिए जरूरी मंजूरियां अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समयबद्ध तरीके से मिल जाती हैं।
व्यापार को बढ़ावा: कारोबारियों की मदद के लिए रायपुर में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कक्ष’ स्थापित किया गया है। साथ ही, राज्य में दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है।
- रजिस्ट्री प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय: नवा रायपुर में देश का पहला हाईटेक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू किया गया है, जहाँ मात्र 12 से 15 मिनट में रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अगले एक वर्ष में सभी 117 कार्यालयों को आधुनिक बनाया जाएगा।
टैक्स में छूट: सरकार ने अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60% उपकर को समाप्त कर नागरिकों को बड़ी वित्तीय राहत दी है।
- भूमि प्रबंधन और आधुनिक भू-अभिलेख
ड्रोन और जियो-रेफ्रेंसिंग: ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन आधारित ‘स्वामित्व योजना’ के तहत डिजिटल संपत्ति कार्ड बांटे जा रहे हैं, जिससे भूमि विवादों में कमी आई है।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहना: भूमि सुधार और डिजिटल एग्रीस्टैक के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान दिया गया है।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ में चल रही प्रशासनिक सुधारों की यह मुहिम केवल कागजी प्रक्रियाओं को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता और सरकार के बीच भरोसे को मजबूत कर रही है। सुशासन की यही नई संस्कृति राज्य को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों की कतार में खड़ा कर रही है।
















