मुख्यमंत्री की पहल से संवरी महिलाओं की जिंदगी : ‘महतारी वंदन योजना’ से आत्मनिर्भर बन रही हैं प्रदेश की बेटियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही ‘महतारी वंदन योजना’ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित यह योजना महिलाओं को न सिर्फ वित्तीय सुरक्षा दे रही है, बल्कि समाज में उनके सम्मान को भी बढ़ा रही है।
बसंती धुर्वे बनीं स्वावलंबन की मिसाल
इस योजना का एक जीवंत उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डुमरिया गांव की रहने वाली श्रीमती बसंती धुर्वे हैं।
आर्थिक आजादी: बसंती ने साझा किया कि उनके खाते में योजना की 29वीं किस्त सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है।
घरेलू सहयोग: इस राशि का उपयोग वे घर के जरूरी खर्चों और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
आत्मविश्वास में वृद्धि: अब उन्हें छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे परिवार के फैसलों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बसंती कहती हैं कि यह योजना केवल एक सरकारी मदद नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वाभिमान से जीने का हौसला दे रही है।
सशक्तिकरण का नया अध्याय
राज्य सरकार की इस प्राथमिकता के कारण प्रदेश की लाखों महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित हो रही हैं।
“महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल कर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।”
विभाग द्वारा योजना के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की वजह से हर महीने राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। यह कदम राज्य के समावेशी विकास और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
















