पश्चिम एशिया में भड़का तनाव : ईरान और अमेरिकी बलों के बीच भारी गोलाबारी, 4 देश अलर्ट पर

नई दिल्ली (एजेंसी)। अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से जारी शांति अचानक खत्म हो गई है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान स्थित ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के ठिकानों पर दूसरे दिन भी बमबारी किए जाने के बाद ईरान ने तीखा पलटवार किया है।
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी मरीन ठिकाने और ‘प्रिन्स हसन एयरबेस’ पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा, बहरीन के शेख ईसा एयरबेस और कुवैत में भी संदिग्ध ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं। जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 10 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 3 मिसाइलें निर्जन स्थानों पर जा गिरीं।
दावों और जवाबी कार्रवाई का दौर
IRGC का दावा: ईरानी सैन्य बल का कहना है कि उन्होंने हमलों का कड़ा जवाब दिया है, जिसमें कई अमेरिकी सैनिकों की जान गई है। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को खारिज करते हुए किसी भी सैनिक के हताहत होने से इनकार किया है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में ईरान द्वारा बिछाई जा रही समुद्री माइंस और अमेरिकी अड्डों पर हमलों का जवाब है। उन्होंने ईरान को आगे किसी भी दुस्साहस पर भारी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
नागरिक क्षति: ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास, चाबहार और सिरिक सहित कई स्थानों पर धमाके हुए हैं। सिरिक में एक रिहायशी इलाके पर हमला होने से 4 लोगों की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की खबर है।
आर्थिक प्रभाव और वैश्विक चिंताएं
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम लगभग 4% बढ़ गए हैं। दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहराने की आशंका है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी (IAEA) ने भी चिंता जताई है कि निरीक्षण न हो पाने के कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। हालात को देखते हुए अमेरिका ने पूरे मध्य पूर्व के लिए यात्रा चेतावनी (Travel Advisory) जारी की है, जबकि सऊदी अरब और ओमान शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
















