वित्तीय साक्षरता से बदला जीवन : स्वर्गीय भाग्यवती पोर्ते के परिवार को मिली ₹4 लाख की बीमा राशि

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक सुरक्षा नीतियों का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (‘बिहान’) के तहत चलाए जा रहे वित्तीय साक्षरता अभियान के कारण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के एक परिवार को संकट की घड़ी में बड़ा आर्थिक संबल मिला है।
ग्राम महोरा में ‘आरती स्व-सहायता समूह’ की सदस्य रहीं स्वर्गीय श्रीमती भाग्यवती पोर्ते का असमय निधन हो गया था। वित्तीय जागरूकता अभियान के तहत उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अपना नामांकन करा रखा था। उनके निधन के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके पति श्री मनोज सिंह पोर्ते को दोनों योजनाओं के तहत ₹2-2 लाख (कुल ₹4 लाख) की सहायता राशि प्रदान की।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावते और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक (पेंड्रा शाखा) के प्रबंधक श्री सुमित केशरवानी ने संयुक्त रूप से मनोज सिंह पोर्ते को स्वीकृत राशि के कागजात सौंपे।
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य में होगा राशि का उपयोग
सहायता राशि प्राप्त होने पर श्री मनोज सिंह पोर्ते ने शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में यह राशि उनके परिवार के लिए बहुत मददगार साबित होगी। मनोज ने बताया कि इस पैसे का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। साथ ही, बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए राशि का एक हिस्सा उनके नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहा ‘बिहान’
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चल रहे ‘बिहान’ मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत और बीमा जैसी योजनाओं से जोड़ना है। राज्य सरकार की मंशा है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक इन जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा पहुंचे, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में पीड़ित परिवार को आर्थिक रूप से भटकना न पड़े। यह पहल न केवल संकट के समय सहारा दे रही है, बल्कि ग्रामीण परिवारों में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का भाव भी मजबूत कर रही है।
















