ईंधन निर्यात पर लगा शुल्क घटा : केंद्र ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स कम किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भेजे जाने वाले डीजल, पेट्रोल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लागू विंडफॉल टैक्स में बड़ी छूट देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार ये संशोधित दरें 16 सितंबर से प्रभावी हो गई हैं।
टैक्स दरों में हुए मुख्य बदलाव:
डीजल: निर्यात शुल्क 25 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
एटीएफ (ATF): जेट ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 19 रुपये से घटकर 15 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
पेट्रोल: पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स 1.50 रुपये से घटाकर मात्र 50 पैसे (0.50 रुपये) प्रति लीटर तय किया गया है।
घरेलू दरों पर प्रभाव और कंपनियों को फायदा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय बाजार में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर तुरंत नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कटौती केवल एक्सपोर्ट पर लागू होती है। हालांकि, रिफाइनिंग और निर्यात करने वाली पेट्रोलियम कंपनियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। उनके निर्यात की लागत कम होगी और मुनाफे का दायरा बढ़ेगा।
क्यों लगाया जाता है विंडफॉल टैक्स?
जब वैश्विक अनिश्चितताओं या पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक उछलती हैं, तब तेल कंपनियों को अप्रत्याशित मुनाफा (विंडफॉल गेन) होता है। कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में सारा ईंधन देश से बाहर न बेचने लगें और भारत के भीतर ईंधन की कमी न हो, इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार हर दो हफ्ते में विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है।
















