CGPSC भर्ती मामले में बढ़ा जांच का दायरा : पूर्व OSD व अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी पुलिस/प्रशासनिक अफसर गिरफ्तार, 6 दिन की हिरासत में

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कदम उठाते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी अधिकारी को 6 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है, जहां उनसे घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
डिजिटल सबूत बने आधार: अदालत में ईडी ने खुलासा किया कि आरोपी अधिकारी और मामले के मुख्य आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच संदिग्ध व्हाट्सएप बातचीत के प्रमाण मिले हैं, जो इस कार्रवाई का मुख्य आधार बने।
भूपेश बघेल के रह चुके हैं OSD: गिरफ्तार अधिकारी चेतन बोरघारिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर तैनात रह चुके हैं।
करोड़ों के लेन-देन का आरोप: जांच एजेंसियों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र मुहैया कराने के नाम पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि जुटाई थी। इसमें से लगभग 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए जाने का दावा किया गया है।
प्रभाव का इस्तेमाल: जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों को झांसे में लेने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक और अपने पारिवारिक संबंधों के पद व प्रभाव का इस्तेमाल किया।
ईडी अब रिमांड अवधि के दौरान इस मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के बारे में और गहराई से पूछताछ करेगी।
















