ब्लड डोनेशन से पहले समझें मेडिकल गाइडलाइंस : जानें कौन कर सकता है रक्तदान और किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। रक्तदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य है जो कई लोगों का जीवन बचा सकता है। एक यूनिट ब्लड को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर कई मरीजों के इलाज में उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य संस्थान लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति रक्तदान के योग्य नहीं होता।
रक्तदान के लिए बुनियादी पात्रता मानक
आयु: 18 से 65 वर्ष के बीच।
वजन: कम से कम 45 किलोग्राम।
सामान्य स्वास्थ्य: ई-रक्तकोश के अनुसार, व्यक्ति का पूर्ण रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है।
स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया
रक्तदान से पूर्व ब्लड बैंक में अनिवार्य जांच की जाती है:
ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और शारीरिक तापमान का परीक्षण।
हीमोग्लोबिन और आयरन के स्तर की तुरंत जांच।
यदि स्वास्थ्य मापदंड सुरक्षित सीमा में नहीं मिलते, तो रक्तदान की अनुमति नहीं दी जाती।
किन्हें रक्तदान से बचना चाहिए?
बीमारियां: गंभीर एनीमिया, किसी गंभीर बीमारी या हालिया संक्रमण से पीड़ित लोग।
दवाएं और सर्जरी: हाल ही में हुई सर्जरी या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।
गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं और हाल ही में डिलीवरी कराने वाली महिलाओं को रक्तदान से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
टैटू और टीकाकरण: हाल ही में टैटू बनवाने या वैक्सीन लगवाने पर एक निश्चित अवधि तक इंतजार करना होता है।
रक्तदान से पहले और बाद की सावधानियां
तैयारी: खाली पेट ब्लड डोनेट न करें। पर्याप्त पानी पिएं, पूरी नींद लें और हल्का व संतुलित भोजन करें। शराब के सेवन से बचें।
रक्तदान के बाद: अगले 24 से 48 घंटे अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लें, भारी सामान उठाने या कड़ा परिश्रम करने से बचें।
तत्काल देखभाल: चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत मेडिकल स्टाफ को सूचित करें और थोड़ी देर विश्राम करें।
रक्तदान का निर्णय केवल उत्साह में आकर न लें, बल्कि अपनी मेडिकल हिस्ट्री की सही और सटीक जानकारी डॉक्टर को देकर ही इस प्रक्रिया में भाग लें।
















