सऊदी अरब की सुरक्षा पर पाकिस्तान का बड़ा बयान, रक्षा मंत्री बोले- ‘हर सैन्य संसाधन झोंक देंगे’

नई दिल्ली (एजेंसी)। यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता खुलकर दोहराई है। रोम में मीडिया से चर्चा के दौरान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने साफ किया कि रियाद की हिफाजत के लिए उनके देश के सभी सैन्य संसाधन पूरी तरह तैयार और उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब का हर विरोधी सीधे तौर पर पाकिस्तान का दुश्मन माना जाएगा।
यह बयान पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच इसी साल 7 अगस्त को हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के तहत सामने आया है। इस त्रिपक्षीय समझौते के प्रावधानों के मुताबिक, यदि गठबंधन के किसी भी सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला समझा जाएगा। इस वक्त इस डिफेंस पैक्ट को मजबूत करने के लिए एक समर्पित सचिवालय और संस्थागत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए हाल ही में रियाद में तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों की अहम बैठक भी हुई थी।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और समुद्री चिंताएं
रक्षा मंत्री आसिफ ने हूतियों द्वारा सऊदी अरब की तेल संपत्तियों, बंदरगाहों और तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे अहम वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर हूती विद्रोहियों का बढ़ता दखल समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
ईरान के साथ कूटनीतिक संतुलन की कोशिश
एक तरफ जहां पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ अपनी रक्षा संधि को पूरी तरह निभाने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर वह ईरान के साथ कूटनीतिक रिश्ते और बातचीत के रास्ते भी बंद नहीं करना चाहता। इस्लामाबाद क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक वार्ताओं का पक्षधर रहा है, ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर लगाम लगाई जा सके।
















