छत्तीसगढ़

त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग मुस्तैद, ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ के तहत राज्यभर में छापेमारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने प्रदेशभर में सात दिनों का विशेष अभियान “बने खाबो-बने रहिबो 2.0” शुरू किया है। अभियान के पहले ही दिन, 17 अगस्त को राज्य के अलग-अलग जिलों में मिठाइयों की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंटों, थोक बाजार और खाद्य निर्माण इकाइयों में बड़े पैमाने पर जांच और सैंपल (नमूने) लेने की कार्रवाई की गई।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता, सही लेबलिंग और सुरक्षित भंडारण के प्रति दुकानदारों व आम जनता को जागरूक करना है।

राज्यभर में हुई प्रमुख कार्रवाइयां

महासमुंद (एनालॉग पनीर पर कार्रवाई): भलेसर रोड स्थित एक फैक्टरी में मिलावटी/एनालॉग पनीर बनाने की खबर मिलने पर देर रात पुलिस, प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त दबिश दी। 3 घंटे चली जांच के बाद करीब 300 किलो तैयार पनीर जब्त कर सील किया गया, जिसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

बिलासपुर: झूठी ब्रांडिंग/लेबलिंग (मिथ्याछाप) पाई जाने पर 23 कार्टन (लगभग 102 किलो) बर्फी को सीज किया गया।

कोरबा: मिलावटी मैसूर पाक और नारियल लड्डू के नमूने लिए गए। साथ ही नियम विरुद्ध बेचे जा रहे लगभग ₹10,000 के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए।

रायपुर व दुर्ग: रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार से सोन केक, रसगुल्ला और गुलाब जामुन के कानूनी नमूने जुटाए गए। वहीं दुर्ग में कन्फेक्शनरी दुकानों से लीगल व सर्विलांस सैंपल एकत्र किए गए।

अन्य जिले: बालोद, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में खोवा, पेड़ा, पनीर, घी और मिठाइयों की सघन जांच कर सैंपल लैब भेजे गए।

कारोबारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश

अखबारी कागज व रंगों पर रोक: खाद्य पदार्थों की पैकिंग या स्टोरेज में अखबार के इस्तेमाल और प्रतिबंधित केमिकल युक्त रंगों पर सख्त मनाही की गई है।

स्वच्छता व लाइसेंस: परिसर की साफ-सफाई, एक्सपायरी डेट के सामानों का निपटान और वैध FSSAI लाइसेंस रखना अनिवार्य किया गया है।

कानूनी चेतावनी: नियमों का उल्लंघन या अस्वच्छ परिस्थितियां मिलने पर ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आम उपभोक्ताओं से अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि त्योहारों पर मिठाइयां या अन्य सामान खरीदते समय निर्माण तिथि (Mfg. Date), एक्सपायरी डेट और FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें। किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध गुणवत्ता की शिकायत तुरंत विभाग से करें।

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