रायपुर के टाउन हॉल में उकेरी गई ‘वंदे मातरम’ और आजादी के सेनानियों की गाथा, AI और क्विज बने बच्चों के आकर्षण का केंद्र

रायपुर। राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित सात दिवसीय फोटो एग्जीबिशन के चौथे दिन लोगों और स्कूली छात्रों का भारी उत्साह देखने को मिला। 15 से 21 अगस्त तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल, आजादी के मतवालों की गाथा और राज्य के विकास के सफर को तस्वीरों के जरिए जीवंत किया गया है।
डिजिटल क्विज और मंच ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण छात्रों के लिए आयोजित मनोरंजक प्रतियोगिताएं रहीं। कंप्यूटर पर क्लू आधारित ‘वर्ड गेम’ के जरिए बच्चों ने राज्य के वीर सेनानियों के नाम पहचाने। वहीं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच-बीच में मंच से पूछे गए इतिहास और संस्कृति से जुड़े सवालों के सटीक जवाब देकर छात्रों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इससे बच्चों में न केवल राज्य के इतिहास की समझ बढ़ी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ।
AI कैमरे से पर्यटन स्थलों का अहसास
अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनी में एक ऑटोमैटिक एआई (AI) कैमरा लगाया गया है। इसके जरिए आगंतुक अपनी तस्वीर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन या धार्मिक स्थलों के बैकग्राउंड के साथ खींच सकते हैं। इसके अलावा पारंपरिक वेशभूषा वाली एआई फोटो का क्रेज भी युवाओं और बच्चों में देखा जा रहा है।
तस्वीरों में आजादी से विकास तक की कहानी
प्रदर्शनी में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के इतिहास, महात्मा गांधी की छत्तीसगढ़ यात्रा, जनजातीय नायकों के योगदान और वर्तमान राज्य सरकार की विकास योजनाओं (जैसे शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण) को दुर्लभ चित्रों के माध्यम से पेश किया गया है। जनसंपर्क विभाग के अधिकारी आने वाले लोगों को जानकारी देने के साथ-साथ ‘जनमन’ पत्रिका और सरकारी योजनाओं की पुस्तिकाएं भी वितरित कर रहे हैं।
यह प्रदर्शनी 21 अगस्त तक रोज सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निशुल्क खुली रहेगी।
















