जैन संवेदना ट्रस्ट की मानवीय पहल : चातुर्मास में 100 से अधिक बुजुर्गों और बच्चों को मिले नि:शुल्क श्रवण यंत्र

रायपुर। मानव सेवा के संकल्प के साथ जैन संवेदना ट्रस्ट ने चातुर्मास के शुरुआती 50 दिनों के भीतर 100 से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को श्रवण यंत्र वितरित किए हैं। ट्रस्ट के प्रतिनिधि महेंद्र कोचर एवं विजय चोपड़ा के अनुसार, वृद्धावस्था में शारीरिक अक्षमता जीवन को अत्यंत कष्टदायक बना देती है। कम सुनाई देना भी इसी प्रकार की एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने के उद्देश्य से संस्था द्वारा लगातार कान की मशीनों का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है।
हाल ही में जैन संवेदना ट्रस्ट ने ‘साधर्मिक भक्ति एवं अनुकंपा सेवा सप्ताह’ की शुरुआत की है। इस अभियान के पहले दिन 8 जरूरतमंदों को श्रवण यंत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में पुनः खुशियां लौट आईं। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि मानवता की सेवा ही जीवन का सबसे उत्तम ध्येय है। उम्र के ढलते पड़ाव में जब सुनने की क्षमता कम हो जाती है, तब ये उपकरण बुजुर्गों के लिए एक बड़ा सहारा बनते हैं।
ट्रस्ट की ओर से मूक-बधिरों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद ही यंत्र दिए जाते हैं। संस्था के सदस्य वीरेंद्र डागा ने जानकारी दी कि जन्मजात श्रवण बाधा से जूझ रही बालिका नेहा और करीना की डॉक्टरी जांच के बाद उन्हें यह मशीन लगाई गई, जिससे वे अब आसानी से सुनने लगी हैं। बच्चों के परिजनों ने इस सहयोग के लिए पूरे जैन समाज के प्रति आभार व्यक्त किया है।
300 लोगों तक मदद पहुंचाने का लक्ष्य
जैन संवेदना ट्रस्ट ने इस चातुर्मास अवधि में कुल 300 लोगों को सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया है। संस्था द्वारा मानव सेवा के तहत नि:शुल्क श्रवण यंत्र, कृत्रिम हाथ, वैशाखी, कैलिपर्स, बीपी एवं शुगर जांच मशीनें बांटने के साथ-साथ पशु-पक्षियों की सेवा भी की जाती है। इसके अतिरिक्त, साधर्मिक भाइयों को आत्मनिर्भर बनाने, व्यावसायिक प्रगति और विवाह सहायता जैसे कल्याणकारी कार्य नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं।
श्रवण संबंधी समस्या से ग्रस्त कोई भी बच्चा या बुजुर्ग ऑडियोमेट्री जांच रिपोर्ट के साथ संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क कर सकता है:
महेंद्र कोचर: 9301056004
विजय चोपड़ा: 9301739494
















