बलरामपुर के कर्रा गांव में सीएम साय ने की शिव पूजा, मंगल भवन निर्माण का किया ऐलान

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में विधिवत रुद्राभिषेक करके प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और तेज प्रगति की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने गांव में एक ‘मंगल भवन’ बनाने की घोषणा करते हुए आश्वस्त किया कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद से इस पूरे क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
धार्मिक पर्यटन और कॉरिडोर से बढ़ेगा रोजगार
कथावाचक आचार्य दिव्यानंद महाराज और श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में शिव साधना का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को आपस में जोड़कर धार्मिक कॉरिडोर बना रही है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।
रामलला और तीर्थ दर्शन योजना से जनता को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ से अब तक लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई ‘तीर्थ दर्शन योजना’ के तहत देश के 19 बड़े तीर्थ स्थलों को शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से करीब 10 हजार बुजुर्ग तीर्थ यात्रा का लाभ उठा चुके हैं।
बस्तर में शांति और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। हिंसा प्रभावित रहे सुदूर इलाकों में अब सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
नवमी-दसवीं सदी की प्राकृतिक शिवलिंग है बाबा कर्मेश्वर
ग्राम कर्रा स्थित कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की पौराणिक आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि नौवीं-दसवीं शताब्दी के दौरान साल के पेड़ के तने से यह शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। स्थानीय परंपरा के अनुसार, प्राचीन काल में जब बारिश नहीं होती थी, तब ग्रामीण शिवलिंग पर गोबर का लेप लगाकर विशेष अनुष्ठान करते थे, जिससे वर्षा होती थी। वर्तमान में कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा इस मंदिर का नवीनीकरण कराया जा रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत किया पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अपनी माता जसमनी देवी साय के सम्मान में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। इसके साथ ही संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बेल का पौधा रोपा। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक गोमती साय, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
















