पीएम किसान योजना बनी वरदान : किस्तों की बचत से शुरू किया डेयरी व्यवसाय, 75 की उम्र में कमा रहे लाखों

रायपुर। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ ग्रामीण भारत में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत महापल्ली के 75 वर्षीय किसान परशुराम गुप्ता ने इस योजना से मिली सहायता राशि का सही प्रबंधन कर आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
परशुराम गुप्ता ने योजना के तहत मिलने वाली 2,000 रुपये की किस्तों को फिजूलखर्च करने के बजाय बचाना शुरू किया। वर्ष 2020 तक लगभग 10,000 रुपये की राशि एकत्र होने पर उन्होंने अपनी पहली गाय खरीदी। बचपन से ही पशुपालन में रुचि रखने वाले परशुराम ने मेहनत और लगन के बल पर धीरे-धीरे अपने इस काम को विस्तार दिया।
आज उनके पास कुल 10 गायें हैं, जिनसे वे रोजाना करीब 100 लीटर दूध प्राप्त करते हैं। स्थानीय डेयरी में 40 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध बेचकर वे हर महीने लगभग 1,20,000 रुपये का कारोबार कर रहे हैं। सभी खर्च निकालने के बाद भी उन्हें बेहतर मुनाफा हो रहा है, जिससे उनके परिवार का आर्थिक स्तर काफी सुधरा है।
75 वर्ष की उम्र में भी पूरी सक्रियता से गौ-सेवा में जुटे परशुराम गुप्ता का कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं की छोटी सहायता राशि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, तो आत्मनिर्भर बनना आसान हो जाता है। उनकी यह सफलता साबित करती है कि सही दिशा में किया गया प्रयास और कड़ी मेहनत उम्र के किसी भी पड़ाव पर सफलता दिला सकती है।
















