होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध : ट्रंप ने ठुकराया ईरान का 7 दिवसीय शांति फॉर्मूला, तुरंत मार्ग खोलने पर अड़े

वॉशिंगटन (एजेंसी)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से दिए गए 7 दिन के कूटनीतिक रोडमैप को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी प्रस्ताव के तहत अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में छूट देने के छठे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और सातवें दिन परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की बात कही गई थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें शर्तों के साथ कोई समझौता मंजूर नहीं है।
ईरान की 7-दिवसीय योजना में क्या था?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को कूटनीतिक समाधान का एक रोडमैप सौंपा था:
शुरुआती 4-5 दिन: अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव कम करे, तेल निर्यात से प्रतिबंध हटाए और फ्रीज (रोकी गई) ईरानी संपत्तियों को बहाल करे।
छठा दिन: शर्तें पूरी होने पर ईरान अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए होर्मुज मार्ग खोलेगा।
सातवां दिन: दोनों देशों के बीच औपचारिक परमाणु वार्ता शुरू होगी।
ट्रंप प्रशासन का रुख: “शर्तें मंजूर नहीं, रास्ता तुरंत खुले”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी ऐसी योजना को स्वीकार नहीं करेगा जो शर्तों के साथ लागू हो। वॉशिंगटन की मांग है कि वैश्विक व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी देरी के तुरंत खोला जाए।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने भी ईरान के इरादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत की मेज पर आने से पहले ही अरबों डॉलर की राहत और छूट मांग रहा है, जबकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह परमाणु प्रतिबद्धताओं का ईमानदारी से पालन करेगा।
ईरान को अभी भी औपचारिक जवाब की उम्मीद
ट्रंप के सार्वजनिक इनकार के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्री अराघची का कहना है कि वे मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संकेत दिया है कि तेहरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर बातचीत करने के लिए तैयार है। अराघची ने यह भी दोहराया कि ईरान शांति का पक्षधर है, लेकिन यदि संघर्ष की स्थिति बनती है तो देश उसके लिए भी पूरी तरह तैयार है।
दुनिया की नजरें होर्मुज और ऊर्जा बाजार पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस रास्ते में आने वाली रुकावट से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बना हुआ है। हालांकि ट्रंप ने इस 7-दिवसीय प्रस्ताव को खारिज किया है, लेकिन प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस हफ्ते दोनों पक्षों के बीच बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है।
















