ईरानी विदेश मंत्री का बयान : शांति के प्रयास जारी, पर हमले की स्थिति में सख्त जवाब देगा ईरान

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका द्वारा सात दिवसीय शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान शांतिपूर्ण और वास्तविक कूटनीति का पक्षधर है, लेकिन किसी भी सैन्य आक्रमण की स्थिति में देश पीछे नहीं हटेगा, चाहे हालात किसी विनाशकारी युद्ध का रूप ही क्यों न ले लें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए अराघची ने कहा कि वे और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन न्यूयॉर्क में युद्ध भड़काने नहीं, बल्कि शांति का रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से पहुंचे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की संप्रभुता पर हमला होने की स्थिति में ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करेगा।
‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अराघची ने अमेरिकी रुख पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि यह सात दिवसीय प्रस्ताव फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव कम कर स्थिति को सामान्य बना सकता है। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों पर इस प्रस्ताव का अध्ययन किए बिना इसे खारिज करने का आरोप लगाया।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि अमेरिका आवश्यक सकारात्मक कदम उठाता है, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक आवाजाही बहाल करने के लिए तैयार है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान केवल अपने वैधानिक अधिकारों का सम्मान चाहता है और कोई अनुचित मांग नहीं कर रहा है।
















