अब सरकारी दस्तावेजों में ‘AI’ नहीं, ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (SI) के नाम से जानी जाएगी तकनीक : ट्रंप प्रशासन का बड़ा बदलाव

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शब्दावली को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए संघीय कामकाज और दस्तावेजों में ‘AI’ शब्द की जगह अब ‘Super Intelligence’ (SI) का उपयोग अनिवार्य कर दिया है।
ट्रंप प्रशासन के इस नए कार्यकारी आदेश, जिसका शीर्षक ‘सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत’ है, के तहत सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक संचार माध्यमों, वेबसाइटों और रिपोर्ट्स में अब इसी नई शब्दावली का प्रयोग किया जाएगा। हालांकि, यह बदलाव नए दस्तावेजों पर ही लागू होगा और पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड, अनुबंध या सरकारी दस्तावेजों में संशोधन नहीं किया जाएगा।
बदलाव की मुख्य वजह
प्रशासन का तर्क है कि मौजूदा तकनीकी प्रणालियां अब केवल सीमित स्वचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मानव क्षमताओं और रचनात्मकता को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा रही हैं। चिकित्सा, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में हो रही इन क्रांतिकारी प्रगति को सही मायनों में दर्शाने के लिए पुरानी परिभाषा को बदलना जरूरी हो गया था।
टेक दिग्गजों के साथ बैठक का परिणाम
यह महत्वपूर्ण फैसला व्हाइट हाउस में देश के प्रमुख तकनीकी दिग्गजों—जिनमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेनसन हुआंग शामिल थे—के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आया है। ट्रम्प ने इस तकनीक के प्रभाव को इंटरनेट के आगमन से भी बड़ा करार दिया है।
फिलहाल अमेरिकी कानूनों में इसके लिए पुरानी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की कानूनी परिभाषा ही मान्य रहेगी, लेकिन विज्ञान और तकनीक मामलों के सहायक को अगले 60 दिनों के भीतर कांग्रेस के समक्ष नई ‘सुपर इंटेलिजेंस’ की वैधानिक परिभाषा और कानूनी संशोधनों का प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया गया है।














