देश से मानसून विदा : सामान्य से 13% कम बारिश के साथ सीजन समाप्त, दक्षिण और पूर्वोत्तर में अभी भी बरस रहे बादल

नई दिल्ली (एजेंसी)। इस साल का मानसून सीजन आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है, और भारत में इस बार सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इसकी विधिवत घोषणा कर दी है। हालांकि मानसून की वापसी की प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिसके प्रभाव से देश के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बारिश का दौर बना हुआ है। जहां उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो गया है, वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बादल अब भी सक्रिय हैं।
उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम साफ, विदाई के आसार
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत उत्तर एवं पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में फिलहाल मौसम पूरी तरह सूखा बना हुआ है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में गुजरात के नलिया से लेकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से गुजर रही है। आने वाले दो से तीन दिनों के भीतर पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश के शेष भागों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों से भी मानसून के पूरी तरह विदा होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। कर्नाटक के तुमकुरु जिले के किब्बनहल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पूर्वोत्तर में इस सक्रिय मौसम की मुख्य वजह उत्तर म्यांमार और दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र है, जो मिजोरम और त्रिपुरा की ओर आगे बढ़ रहा है।
बेंगलुरु में जलभराव का अंदेशा
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। होसकोटे में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। हवा की दिशा बदलने के कारण यह बारिश वाला सिस्टम केआईए (KIA) एयरपोर्ट की तरफ बढ़ सकता है। इस वेदर सिस्टम की रफ्तार धीमी होने की वजह से यदि ये बादल शहर के ऊपर ठहरते हैं, तो बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
















