बिहार के सारण में बाढ़ राहत के दौरान दर्दनाक हादसा : हेलीकॉप्टर से गिरे राशन पैकेट की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत, तीन घायल

बिहार (एजेंसी)। बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाई जा रही राहत सामग्री वितरण मुहिम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में वायु सेना के हेलीकॉप्टर से गिराए जा रहे सूखे राशन के पैकेट की चपेट में आने से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। वहीं, इसी दौरान हेलीकॉप्टर की तेज हवा के दबाव के कारण एक महिला और उसके दो बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पहचान स्थानीय अखबार हॉकर अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह के रूप में हुई है। उनके बेटे अभिनव प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के वक्त उनके पिता भोजन करने के बाद बैठे हुए थे। तभी अचानक ऊपर से गिराया गया राहत सामग्री का एक पैकेट सीधे उनके सिर पर आ गिरा। गंभीर चोट लगने से वे मौके पर ही गिर पड़े और इसके बाद उनकी छाती पर भी कई अन्य पैकेट आ गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने भी इस दुर्घटना की पुष्टि की है।
इस आकस्मिक मौत के बाद ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। आक्रोशित लोगों ने बुजुर्ग के शव को सड़क पर रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम समाप्त कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है।
राहत वितरण के दौरान ही गांव में एक अन्य दुर्घटना भी घटी। रंभा देवी नाम की महिला अपने दो बच्चों के साथ घर की छत पर खड़ी होकर राहत सामग्री का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान ऊपर उड़ रहे हेलीकॉप्टर से पैदा हुई तेज हवा के कारण वे अपना संतुलन खो बैठीं और बगल के मकान की छत पर जा गिरीं। इस हादसे में महिला की कमर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनके दोनों बच्चों के पैरों में फ्रैक्चर हो गया है। तीनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया गया।
गौरतलब है कि नेपाल से आए बाढ़ के पानी के कारण सारण जिले के मकेर, अमनौर और परसा जैसे कई प्रखंड गंभीर रूप से प्रभावित हैं। कई इलाके चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं, जहां सड़क मार्ग से राहत पहुंचाना मुमकिन नहीं है। इसी वजह से प्रशासन द्वारा वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। हालांकि, एक ही गांव में हुए इन दो हादसों के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
















