सऊदी अरब में यमनी विद्रोहियों के हमलों के बाद सुरक्षा सख्त, महलों के सुरक्षित बंकरों में भेजे गए क्राउन प्रिंस

नई दिल्ली (एजेंसी)। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के मध्य तीव्र होते सशस्त्र संघर्ष और बढ़ते हवाई खतरों को देखते हुए देश के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा अभेद्य कर दी गई है। एहतियात के तौर पर 41 वर्षीय क्राउन प्रिंस की लोकेशन लगातार बदली जा रही है और उन्हें भारी सुरक्षा व्यवस्था वाले भूमिगत बंकरों से लैस राजमहलों में स्थानांतरित किया गया है।
‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने मामले से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि क्राउन प्रिंस बीते एक सप्ताह से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं। उनकी आवाजाही और सुरक्षा की जिम्मेदारी एक विशेष सुरक्षा बल को सौंपी गई है।
हवाई हमलों में भारी तबाही, 13 की मौत
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक बड़े हमले में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 300 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं। विद्रोहियों ने आने वाले दिनों में और अधिक घातक हमले करने की चेतावनी जारी की है।
अलर्ट सिस्टम पर उठे सवाल
सऊदी अरब ने मई माह में आपातकालीन चेतावनियों के लिए ‘नेशनल अर्ली वॉर्निंग सिस्टम’ की शुरुआत की थी। हालांकि, पिछले सप्ताह हुए बड़े हमलों के दौरान मोबाइल और सोशल मीडिया आधारित इस चेतावनी प्रणाली से कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ, जिससे सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा आखिरी सुरक्षा अलर्ट 29 सितंबर को नज्रान प्रांत के लिए जारी किया गया था।
मिसाइल व ड्रोन हमलों की कवरेज पर प्रतिबंध
सऊदी प्रशासन ने छह अलग-अलग भाषाओं में आधिकारिक निर्देश जारी कर आम जनता और मीडिया को कड़ी चेतावनी दी है। सरकार के अनुसार:
मिसाइल अथवा ड्रोन हमलों, उनके इंटरसेप्शन (हवा में गिराए जाने) या तबाही से जुड़ी तस्वीरों व वीडियो को शूट करने और सोशल मीडिया पर शेयर करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अफवाह फैलाने या संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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