उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा कॉलेज को दी 50 लाख की सौगात, छात्रों से कहा- AI को बनाएं हथियार, मोहताज नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में उच्च शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा स्थित शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कुल 50 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा करते हुए कॉलेज परिसर में 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया।
शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज के लिए दो अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें परिसर की सुरक्षा के लिए 15 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल और छात्राओं की सुविधा के लिए 5 लाख रुपये की लागत से बालिका शौचालय का निर्माण शामिल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और महाविद्यालय परिवार की मौजूदगी में इन विकास कार्यों से छात्रों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद जताई गई है।
‘युवा शक्ति संवाद’ में दिए सफलता के गुर
महाविद्यालय परिसर में आयोजित ‘युवा शक्ति संवाद’ कार्यक्रम के तहत उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कॉलेज का समय करियर की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और कड़ी मेहनत के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने के बाद अब महाविद्यालयों में भी डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं को यूपीएससी, पीएससी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग का सीधा लाभ मिल सके।
तकनीक का करें सही इस्तेमाल, खुद बनें मास्टर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के दौर पर चर्चा करते हुए श्री शर्मा ने छात्रों को आगाह किया कि वे तकनीक के मोहताज न बनें, बल्कि उसे अपनी ताकत बनाएं। उन्होंने चैटजीपीटी, क्लॉड और परप्लेक्सिटी जैसे आधुनिक एआई टूल्स और सोशल मीडिया की तकनीकी समझ हासिल करने पर जोर दिया।
युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; परिणाम की चिंता किए बिना अपने प्रयासों और निरंतर अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कॉलेज को अपना दूसरा घर बताते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों से इसे संवारने में मिलकर योगदान देने की अपील की।
















