महतारी वंदन योजना बनी स्वावलंबन का आधार : पनगांव की पुन्नी ध्रुव ने व्यवसाय को दी नई पहचान

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ राज्य की महिलाओं के जीवन में वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की देखरेख में चलाई जा रही यह योजना महिलाओं को न केवल दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बना रही है, बल्कि उन्हें छोटे व्यवसाय चलाकर पारिवारिक आय में हाथ बंटाने का अवसर भी दे रही है।
बलौदाबाजार जिले के पनगांव की रहने वाली पुन्नी ध्रुव इस सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरक मिसाल हैं। पुन्नी अपने घर से ही एक छोटी किराना दुकान संचालित करती हैं। पूर्व में सीमित संसाधनों और आर्थिक समस्याओं के कारण उन्हें दुकान के लिए आवश्यक सामान खरीदने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार मजबूरी में उन्हें उधारी लेकर दुकान का स्टॉक पूरा करना पड़ता था।
हालांकि, योजना के लागू होने के बाद से उनकी स्थिति में काफी सुधार आया है। हर महीने सीधे बैंक खाते में आने वाली ₹1,000 की वित्तीय सहायता ने उनकी दुकान के संचालन को आसान बना दिया है। पुन्नी बताती हैं कि इस नियमित राशि की मदद से अब वे बिना किसी से कर्ज लिए दुकान में जरूरत का सामान आसानी से रख पाती हैं। इससे उनका व्यवसाय भी बेहतर चल रहा है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में बड़ा सहयोग मिल रहा है।
इस निरंतर सहयोग से गदगद होकर पुन्नी ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री को आत्मीय भाव से ‘विष्णु भैया’ कहते हुए उन्होंने कहा कि यह राशि केवल एक आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को सम्मान के साथ जीवन जीने की एक नई ताकत मिली है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
शुरुआत और उद्देश्य: 1 मार्च 2024 से लागू इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की पात्र महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
वित्तीय सहायता: पात्र महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।
विशाल प्रभाव: योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 32 किस्तों के माध्यम से महिलाओं के खातों में ₹20,708 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
















