राष्ट्रपति मुर्मू ने रायपुर में ‘सेवा सम्मान पर्व’ को किया संबोधित : युवाओं से बड़े सपने देखने और राष्ट्र निर्माण में जुटने का आह्वान

रायपुर। नुआखाई का सांस्कृतिक महत्व: रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल एक सांस्कृतिक मिलन नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पवित्र पर्व है।
युवाओं को संदेश: राष्ट्रपति ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाएं, ज्ञान के साथ विनम्रता और महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता को अपनाएं। उन्होंने असफलता से घबराए बिना लगातार सीखते रहने और अपने प्रयासों को राष्ट्रहित से जोड़ने पर जोर दिया।
महिला सशक्तिकरण: वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने समाज से बेटियों को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और अनुकूल माहौल देने की अपील की।
बदलता छत्तीसगढ़: राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जताई कि केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों से छत्तीसगढ़ के युवा नक्सलवाद के रास्ते से हटकर मुख्यधारा और विकास से जुड़ रहे हैं।
गणमान्य अतिथियों के विचार
राज्यपाल रमेन डेका: राज्यपाल ने राष्ट्रपति मुर्मू के जीवन को प्रेरणास्त्रोत बताते हुए युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर नवाचार, शिक्षा और कौशल विकास के जरिए देश की तरक्की में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के संघर्षपूर्ण जीवन को देश की बेटियों और युवाओं के लिए मिसाल बताया। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास, स्टार्टअप्स के लिए 100 करोड़ रुपये के फंड और शिक्षा के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। साथ ही, ‘रक्तदान महाकुंभ’ के तहत 2,500 से अधिक लोगों (जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं) द्वारा स्वेच्छा से रक्तदान किए जाने को नारी शक्ति और सेवाभाव का अनूठा उदाहरण बताया।
















