शांति और सद्भाव का संदेश : बुद्ध पूर्णिमा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संबोधन

नई दिल्ली (एजेंसी)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत और विश्वभर के नागरिकों को अपनी हार्दिक बधाई प्रेषित की है। उन्होंने इस दिन को मानवता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, क्योंकि यह भगवान बुद्ध के जीवन की तीन मुख्य घटनाओं—जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण—का साक्षी है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:
शाश्वत मार्ग: भगवान बुद्ध द्वारा सिखाए गए अहिंसा, दया, और शांति के सिद्धांत आज भी मानव जाति के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं।
वैश्विक प्रासंगिकता: वर्तमान समय में, जब दुनिया विभिन्न संघर्षों और चुनौतियों से जूझ रही है, बुद्ध के सहिष्णुता और आपसी प्रेम के विचार अत्यंत आवश्यक हो गए हैं।
संकल्प की आवश्यकता: राष्ट्रपति ने सभी से आह्वान किया कि वे बुद्ध के दिखाए मार्ग पर चलने का प्रण लें ताकि एक ऐसे समाज का निर्माण हो सके जहाँ न्याय और समावेशिता सर्वोपरि हो।
उन्होंने अंत में कहा कि महात्मा बुद्ध के विचार हमें केवल व्यक्तिगत शांति ही नहीं, बल्कि वैश्विक सद्भाव की ओर भी प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर मानवता के कल्याण में योगदान देना चाहिए।
















