बुंदेलखंड में विकास की नई सुबह : टीकमगढ़ को मेडिकल कॉलेज की सौगात, ₹189 करोड़ की योजनाओं का हुआ शिलान्यास और लोकार्पण

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड अंचल के कायाकल्प का संकल्प दोहराते हुए टीकमगढ़ जिले को विकास की कई बड़ी सौगातें दी हैं। खरगापुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने की बड़ी घोषणा की, जिसका भूमि-पूजन जल्द ही किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने जिले के लिए 189 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 72 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलापट्ट अनावरण किया। इनमें ₹102.45 करोड़ के 33 कार्यों का उद्घाटन और ₹86.66 करोड़ के 39 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।
कृषि और सिंचाई क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बुंदेलखंड का क्षेत्र अब एक प्रमुख निवेश हब के रूप में पहचान बना रहा है। अतीत में जल संकट और पलायन का दंश झेलने वाले इस इलाके की किस्मत बदलने वाली है। उन्होंने रेखांकित किया कि:
केन-बेतवा लिंक परियोजना: इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के पूरा होते ही बुंदेलखंड खेती के मामले में पंजाब और हरियाणा जैसे समृद्ध राज्यों को कड़ी टक्कर देगा। टीकमगढ़ जिले की हजारों हेक्टेयर भूमि इससे सिंचित होगी, जिससे किसानों की आमदनी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी।
सिंचाई क्षमता में भारी उछाल: राज्य में वर्ष 2002-03 तक सिंचाई का दायरा महज 7.50 लाख हेक्टेयर था, जो सरकार के प्रयासों से अब 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। सरकार का अगला लक्ष्य इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक ले जाना है।
शिक्षा, खेल और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
क्षेत्र के युवाओं और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं:
सांदीपनि विद्यालय: खरगापुर में ₹40 करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक सांदीपनि स्कूल का भूमि-पूजन किया गया। इसके अलावा जतारा और बड़ागांव धसान में भी ऐसे ही सर्वसुविधायुक्त परिसरों की सौगात दी गई है, जो नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक संस्कार भी देंगे।
अमृत भारत स्टेशन: टीकमगढ़ को इस योजना के तहत आधुनिक रेलवे स्टेशन की सुविधा मिली है।
खेल सुविधाएं: युवाओं के लिए हॉकी का सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और नया बास्केटबॉल कोर्ट भी समर्पित किया गया।
सामाजिक समरसता और कल्याणकारी योजनाएं
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने ‘लाड़ली बहना योजना’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका लाभ समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को समान रूप से मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब विवाह, तलाक और उत्तराधिकार के मामलों में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
पशुपालन और डेयरी विकास को बढ़ावा
‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है:
मदद और अनुदान: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना’ के तहत पशुपालकों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
गौशालाओं को प्रोत्साहन: गौशालाओं के संचालन के लिए प्रति गाय ₹40 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के सहयोग से अब पशुपालकों को दूध के सही दाम मिल रहे हैं।
मत्स्य पालन: मछुआरा समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मत्स्य उत्पादन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को हितलाभ सामग्री और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। मंच पर जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।
















