अडिग सहारा मान्यता : संजय दत्त ने जताया आभार, बताया क्यों दिखती है उनमें मां नरगिस की झलक

मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का जीवन अनेक उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। अपने करियर के दौरान उन्होंने सफलता के शिखरों को छूने के साथ-साथ कई निजी और कानूनी चुनौतियों का भी सामना किया। हालांकि, इन कठिन पलों में उनकी पत्नी मान्यता दत्त हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। हाल ही में संजय दत्त ने मान्यता के प्रति अपना सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपने जीवन का सबसे बड़ा संबल बताया।
एक साक्षात्कार के दौरान शेखर सुमन से बातचीत करते हुए अभिनेता ने मान्यता के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी मां, दिवंगत अभिनेत्री नरगिस दत्त के बाद मान्यता ही वह महिला हैं जिन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति में, चाहे वह जेल का समय हो या व्यक्तिगत संकट, कभी उनका साथ नहीं छोड़ा। संजय के अनुसार, एक मां और जीवनसंगिनी के रूप में मान्यता का समर्पण अद्वितीय है।
दोनों के बीच उम्र का 20 वर्ष का अंतर होने के बावजूद, यह फासला उनके रिश्ते में कभी बाधा नहीं बना। वर्ष 2008 में दोनों विवाह बंधन में बंधे और आगे चलकर 2010 में दो जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने।
यह संजय दत्त का तीसरा विवाह था। इससे पहले उनका विवाह अभिनेत्री ऋचा शर्मा से हुआ था, जिनसे उनकी एक बेटी त्रिशाला दत्त हैं। ऋचा के असमय निधन के बाद त्रिशाला का पालन-पोषण अमेरिका में उनके नाना-नानी के पास हुआ। यद्यपि पिता और पुत्री के रिश्ते में कुछ समय के लिए दूरी आ गई थी, लेकिन कालांतर में दोनों के संबंध बेहद मधुर हो गए।
फिल्मी पृष्ठभूमि से जुड़ी होने के बाद भी मान्यता ने विवाह के पश्चात अपने परिवार और बच्चों की परवरिश को प्राथमिकता दी। संजय दत्त का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि उनके सार्वजनिक जीवन की चकाचौंध के पीछे परिवार की स्थिरता और मान्यता का अडिग सहयोग कितना महत्वपूर्ण रहा है।
















