भोरमदेव अभयारण्य : अब प्रकृति के बीच रोमांचक सफर का होगा आगाज़

कवर्धा। छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भोरमदेव अब केवल अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए ही नहीं, बल्कि रोमांचक वन्यजीव अनुभव के लिए भी जाना जाएगा। राज्य सरकार भोरमदेव अभयारण्य में जंगल सफारी की शुरुआत करने जा रही है, जो पर्यटकों को प्रकृति के एक बिल्कुल नए रूप से रूबरू कराएगा।
सफारी की मुख्य विशेषताएं: रोमांच और प्राकृतिक वैभव
इस नई सफारी को विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो एडवेंचर के शौकीन हैं। यहाँ के सफर में कुछ बेहद खास अनुभव शामिल होंगे:
22 बार नदी पार करने का अनुभव: लगभग 35 किलोमीटर लंबे सफारी रूट पर पर्यटकों को एक संकरी नदी को 22 बार पार करना होगा, जो इस यात्रा को देश की अन्य सफारी से अलग और रोमांचक बनाता है।
विविध वन्यजीव: 352 वर्ग किलोमीटर में फैले इस इलाके में पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, नीलगाय, सांभर, वन भैंसा और हिरण जैसे जंगली जानवरों को देखने का अवसर मिलेगा।
प्राकृतिक झरने: घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित खूबसूरत वॉटरफॉल इस सफर की सुंदरता में चार चांद लगा देंगे।
पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारियां
सफारी को सुचारू रूप से चलाने के लिए वन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
विवरण, जानकारी
वाहन क्षमता,”प्रत्येक वाहन में 6 पर्यटक, एक ड्राइवर और एक गाइड।”
बुकिंग सुविधा,पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था रहेगी।
मुख्य प्रवेश द्वार,करियाआमा गेट (यहाँ पार्किंग और पेयजल की सुविधा उपलब्ध है)।
अतिरिक्त सुविधा,जंगल के बीच रात बिताने के शौकीनों के लिए कैंपिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
उद्घाटन और प्रभाव
इस सफारी का भव्य शुभारंभ 27-28 अप्रैल को वन मंत्री केदार कश्यप और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
विशेष दृष्टिकोण: यह पहल छत्तीसगढ़ को ‘इको-टूरिज्म’ के क्षेत्र में एक नई पहचान देगी। इससे न केवल पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
अगर आप भी प्रकृति की गोद में कुछ साहसिक पल बिताना चाहते हैं, तो भोरमदेव की यह जंगल सफारी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होने वाली है।
















