छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता की नई मिसाल : सामूहिक विवाह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय, बेमेतरा को दी नर्सिंग कॉलेज की सौगात

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले में आयोजित एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस विशेष समारोह में वैदिक परंपराओं और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के अनुसार 21 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
इसी मंच से जिलेवासियों को एक बड़ी प्रशासनिक सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने बेमेतरा में नए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मजबूत संबल
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले के समय में बेटियों की शादी को लेकर माता-पिता को भारी आर्थिक तंगी और मानसिक चिंता का सामना करना पड़ता था। सरकार ने इस समस्या को समझा और अब योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है, ताकि परिवारों को वास्तविक मदद मिल सके।
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार बेटियों के मान-सम्मान, उनकी शिक्षा, सेहत और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बेटियां समाज की नींव हैं और उनके जीवन को सुरक्षित व समृद्ध बनाने के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इसी दीर्घकालिक सोच का परिणाम है।
सादगी की मिसाल: विधायक ने स्वयं किया सामूहिक विवाह में परिणय
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक श्री दीपेश साहू की विशेष प्रशंसा की। विधायक साहू ने इस सामूहिक आयोजन में स्वयं विवाह करके समाज के सामने सादगी, फिजूलखर्ची पर रोक और सामाजिक समानता का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए यह एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश है।
बैलगाड़ी से आई बारात और मौसम के बदलते मिजाज के बीच उत्सव
पारंपरिक ठाट-बाट: इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बैलगाड़ियों पर निकली पारंपरिक बारात रही, जिसने छत्तीसगढ़ की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति और लोक कला की सुंदर झलक दिखाई। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने लोक धुनों पर थिरकते हुए बारात का स्वागत किया।
अचानक बदला कार्यक्रम स्थल: मूल रूप से यह कार्यक्रम बेसिक स्कूल मैदान में होना तय था। परंतु, शाम को तेज आंधी और बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित निर्णय लिया। वर-वधु और मेहमानों की सुरक्षा के लिए मुख्य आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से सभी जोड़ों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान हुई वर्षा को ईश्वर और प्रकृति का शुभ संकेत बताया।
सामूहिक विवाह से बढ़ती है सामाजिक एकता
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज से ऊंच-नीच का भेद मिटाकर आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। इससे शादियों में होने वाले भारी-भरकम अनावश्यक खर्चों से भी मुक्ति मिलती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों को आपसी प्रेम, सम्मान और नैतिक मूल्यों के साथ गृहस्थ जीवन बिताने की सीख दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी जोड़ों को शासन की ओर से तय उपहार सामग्री और आर्थिक सहायता के चेक सौंपे गए।
इस राज्य स्तरीय समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव व श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, राज्य के कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए विधायकों सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















