छत्तीसगढ़ में जल क्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम : मुख्यमंत्री साय ने दिए ‘सेफ्टी ऑडिट’ के आदेश

रायपुर। मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई नौका दुर्घटना से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स (जल क्रीड़ा) केंद्रों पर सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन-सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
तत्काल सुरक्षा ऑडिट: धमतरी, कोरबा और अन्य जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों के वाटर स्पोर्ट्स केंद्रों का तत्काल ‘सेफ्टी ऑडिट’ कराएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गतिविधियां निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत ही संचालित हों।
उपकरणों की जांच और विशेषज्ञ स्टाफ: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपयोग में आने वाले सभी उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण हो। साथ ही, इन केंद्रों पर केवल प्रशिक्षित और कुशल स्टाफ की ही तैनाती की जाए।
आपातकालीन प्रबंधन: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक सक्रिय आपातकालीन तंत्र तैयार रखने को कहा गया है। लाइफ जैकेट, रेस्क्यू बोट और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की पर्याप्त संख्या और उनकी कार्यक्षमता की जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमित निगरानी और जवाबदेही: कलेक्टरों को इन व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संचालकों और अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार के लिए पर्यटकों की जान-माल की रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने प्रशासन को सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सलाह दी है ताकि प्रदेश में जल पर्यटन पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे। शासन को इन सुरक्षा उपायों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
















