चिरायु योजना बनी संजीवनी : मानपुर के मासूम तेजेश्वर को मिला नया जीवन, सफल हार्ट सर्जरी से चेहरे पर लौटी खुशी

रायपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां और स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाएं जब धरातल पर सही समय पर पहुंचती हैं, तो वे आम नागरिकों के लिए वरदान साबित होती हैं। छत्तीसगढ़ शासन के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई ग्राम खड़गांव (विकासखंड मानपुर, जिला मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी) के नन्हे तेजेश्वर की कहानी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
वर्ष 2025 में स्कूल में आयोजित एक नियमित हेल्थ चेकअप के दौरान चिरायु दल की नजर तेजेश्वर पर पड़ी। डॉक्टरों ने जांच के वक्त उसकी दिल की धड़कन में असामान्य ध्वनि (मर्मर) महसूस की। इस शुरुआती संकेत को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल टीम ने परिजनों से संपर्क किया और आगे के विशेषज्ञ परामर्श के लिए 15 जुलाई 2025 को बच्चे को नारायणा अस्पताल, रायपुर भेजा।
रायपुर में ईकोकार्डियोग्राफी जांच के बाद मासूम के दिल में गंभीर बीमारी होने की पुष्टि हुई, जिसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कराने का परामर्श दिया। चिरायु योजना के तहत पूरी प्रशासनिक और चिकित्सीय प्रक्रियाएं नि:शुल्क पूरी की गईं और 27 नवंबर 2025 को रायपुर के नारायणा अस्पताल में तेजेश्वर का सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ।
जिस बीमारी से परिवार पूरी तरह अनजान था, उसका पता स्कूल जांच में चला और समय पर मिले मुफ्त इलाज की बदौलत आज तेजेश्वर पूरी तरह स्वस्थ एवं सामान्य दिनचर्या जी रहा है। आर्थिक तंगी के बीच मिले इस बड़े सरकारी सहयोग के लिए तेजेश्वर के माता-पिता ने मानपुर की चिरायु टीम-ए और राज्य सरकार के प्रति गहरा आभार प्रकट किया है।
यह मामला दर्शाता है कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, त्वरित रेफरल सिस्टम और मुफ्त इलाज की एकीकृत व्यवस्था से किस तरह किसी परिवार का भावी संकट टल सकता है और एक बच्चे का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।
















