मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता : बैट्री वाली ट्रायसायकल पाकर आत्मनिर्भर बने दिव्यांग तोपसिंग

दुर्ग। शारीरिक अक्षमता और विपरीत परिस्थितियाँ भी यदि किसी के हौसले को न डिगा सकें, तो ऐसी ही एक मिसाल हैं दुर्ग जिले के करंजा (भिलाई) निवासी तोपसिंग साहू। 80 फीसदी दिव्यांगता के बावजूद तोपसिंग ने कभी हार नहीं मानी और परिवार के भरण-पोषण के लिए एक छोटा सा पान ठेला चलाने लगे। हालाँकि, उनकी इस राह में सबसे बड़ी बाधा रोज़ाना दुकान तक पहुँचना था। पैर काम न करने के कारण उन्हें हर दिन किसी न किसी के सहारे की ज़रूरत होती थी, जिससे उनका व्यवसाय और आमदनी दोनों प्रभावित हो रहे थे।
तोपसिंग की इस बेबसी को उस वक्त नया सहारा मिला, जब उन्हें समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण योजना के बारे में पता चला। उन्होंने बिना देर किए विभाग में आवेदन किया। उनकी यह उम्मीद हाल ही में दुर्ग के झाड़ूराम देवांगन स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर (सुशासन तिहार) में हकीकत में बदल गई।
शिविर के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने खुद आगे बढ़कर तोपसिंग को एक आधुनिक बैटरी चालित ट्रायसायकल सौंपी। मुख्यमंत्री के हाथों यह उपहार पाते ही तोपसिंग भावुक हो गए और उनकी आँखें भर आईं।
इस मदद ने तोपसिंग की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। अब वे किसी पर निर्भर रहे बिना खुद अपनी दुकान तक आते-जाते हैं। समय की बचत और शारीरिक सहूलियत मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। मुख्यमंत्री और प्रशासन का शुक्रिया अदा करते हुए तोपसिंग ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल ने उन्हें समाज में सिर उठाकर जीने का एक नया जरिया और स्वाभिमान दिया है।
















