मध्यप्रदेश

महाकाल की नगरी में शुरू हुई ई-बस और ‘उज्जैन दर्शन’ सेवा, श्रद्धालुओं को मिलेगी सुगम व सस्ती यात्रा

उज्जैन (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन के श्री महाकाल लोक स्थित अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘पीएम ई-बस सेवा’ तथा ‘उज्जैन दर्शन सेवा’ का भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और डमरू वादन की गूंज के बीच सीएम ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी राजाराम रिसॉर्ट तक बस में बैठकर सफर का आनंद लिया।

सार्वजनिक परिवहन के नए युग की शुरुआत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। राज्य परिवहन निगम की बसें जो वर्षों पहले बंद कर दी गई थीं, उन्हें पुनः एक नए स्वरूप में शुरू किया जा रहा है। अब ये बसें न केवल अंतरराज्यीय मार्गों पर चलेंगी, बल्कि नगरीय स्तर पर भी स्थानीय परिवहन को सुगम बनाएंगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन को प्राथमिक रूप से 10 ई-बसों का उपहार मिला है।

‘उज्जैन दर्शन सेवा’: रूट, किराया और विशेषताएं

धार्मिक और पौराणिक स्थलों की यात्रा को आसान बनाने के लिए तैयार किए गए ‘उज्जैन दर्शन’ मार्ग की कुल दूरी 27.01 किलोमीटर है।

यात्रा मार्ग: यह बस मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगी।

किराया व भुगतान: इस यात्रा का शुल्क ₹200 तय किया गया है, जिसका भुगतान यात्री यूपीआई (UPI) या डिजिटल माध्यमों से कर सकेंगे।

पर्यावरण-अनुकूल (Zero Emission): सभी बसें शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक हैं, जिससे शहर में प्रदूषण नहीं होगा।

‘हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ’ सुविधा और आधुनिक तकनीक

एक ही टिकट पर बार-बार सफर: यात्रियों की सुविधा के लिए ‘हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ’ मॉडल लागू किया गया है। यात्री निर्धारित स्टॉप पर उतरकर दर्शन कर सकते हैं और उसके बाद अपनी समय-सीमा के भीतर आने वाली अगली उज्जैन दर्शन बस में उसी टिकट पर सवार हो सकते हैं।

हाई-टेक सुविधाएं: सुरक्षा और निगरानी के लिए बसों में लाइव सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग, और डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था है।

डिजिटल गाइड: हर बस में एक डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड तैनात रहेगा, जो तीर्थयात्रियों को विभिन्न मंदिरों के पौराणिक महत्व और दर्शन व्यवस्था की पूरी जानकारी प्रदान करेगा।

उज्जैन शहर के लिए 12 नए बस रूट

स्थानीय निवासियों, छात्रों और व्यावसायिक आवाजाही के लिए शहर में 12 प्रमुख बस मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पानबिहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी, अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

यह पहल आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की दृष्टि से एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को महंगे निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें एक सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल तथा किफायती परिवहन साधन उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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