जनहित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पैतृक निवास पर खुद चलाई गेती, सड़क चौड़ीकरण के लिए पेश की अनूठी मिसाल

उज्जैन (एजेंसी)। सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारियों और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उज्जैन में व्यापक स्तर पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने जन्मस्थान और पैतृक घर पर गेती चलाकर निर्माण हटाने की शुरुआत की और जनसेवा तथा विकास के प्रति एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
सर्वधर्म समभाव और जन-भागीदारी का प्रतीक
उज्जैन के ऐतिहासिक अब्दालपुरा क्षेत्र में खजूर वाली मस्जिद से लेकर जीवाजीगंज थाने के बीच स्थित मार्ग को 32 फीट चौड़ा किया जा रहा है। इस 272 मकानों वाले क्षेत्र में हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के नागरिक निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों ने बिना किसी भेदभाव या आपत्ति के, स्वेच्छा से अपने-अपने निर्माण पीछे हटाने और तोड़ने की सहमति दी है।
स्थानीय भावनाएं: क्षेत्र के रहवासियों का मानना है कि मार्ग चौड़ा होने से वर्षों पुरानी यातायात समस्या का समाधान होगा। इससे व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और संपत्तियों का मूल्य भी बढ़ेगा।
समानता का संदेश: मुख्यमंत्री के निजी मकान के साथ-साथ उनकी बहन और उज्जैन नगर निगम की सभापति श्रीमती कलावती यादव का निवास भी इस चौड़ीकरण की जद में आया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महाकाल की नगरी में आम और खास सभी के लिए नियम समान हैं।
सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की वर्तमान जनसंख्या भले ही लगभग 8 लाख हो, लेकिन आगामी सिंहस्थ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इतने बड़े पैमाने पर आवागमन को सुगम बनाने और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए नागरिकों का यह स्वैच्छिक योगदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने नागरिकों के इस सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुशासन का संदेश
राज्य स्तरीय मैराथन और योग: रविवार को मुख्यमंत्री ने उज्जैन के दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद भी योगाभ्यास में हिस्सा लिया। उन्होंने नागरिकों को नियमित व्यायाम और योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरण और पितृपक्ष: उन्होंने प्रकृति और वृक्षारोपण के महत्व पर जोर देते हुए पर्यावरण संरक्षण की अपील की। साथ ही, पितृपक्ष के अवसर पर अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का संदेश दिया।
सुशासन की प्रेरणा: अपने राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन और नियम-कायदों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सभी जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श मार्गदर्शक है।
















