वीआईपी तस्वीरों के झांसे में आकर पूर्व सैनिक ने गंवाए ₹45 लाख, भिलाई में बड़ी साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से सेवानिवृत्त और पूर्व भारतीय सेना के जवान जयंत बागची (61 वर्ष) ऑनलाइन साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। शातिर ठगों ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और प्रमुख समाजसेवी सुधा मूर्ति जैसी मशहूर हस्तियों की तस्वीरों का दुरुपयोग कर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और कुल 45 लाख रुपये हड़प लिए।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का जाल
हुडको निवासी 61 वर्षीय पीड़ित मार्च 2026 में फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे थे, तभी उन्हें एक आकर्षक शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग का विज्ञापन दिखा। बड़ी हस्तियों के चेहरों का इस्तेमाल होने के कारण पीड़ित ने योजना को प्रामाणिक मान लिया और उसमें दिए गए लिंक पर पंजीकरण कर दिया।
इसके बाद ठगों के गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से संपर्क साधा:
शुरुआती फीस: खुद को कंपनी की प्रतिनिधि बताने वाली ‘कृतिका’ नामक महिला ने वरिष्ठ नागरिक छूट का झांसा देकर ₹18,998 की रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराई।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार का फर्जी दावा: इसके बाद ‘सिद्धार्थ विपुल’ नामक फर्जी अकाउंट मैनेजर ने पीड़ित को अमेरिका, यूके, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ग्लोबल ट्रेडिंग का सपना दिखाया।
किश्तों में मोटी रकम की उगाही: मार्जिन और अधिक लाभ का झांसा देकर 17 मार्च को 1 लाख रुपये तथा 24 व 25 मार्च को 5-5 लाख रुपये सहित कुल 45 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
टैक्स के नाम पर फिर मांगे पैसे, ऐसे खुली पोल
अप्रैल महीने में जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने मुनाफा तैयार होने का दावा करते हुए टैक्स भुगतान के नाम पर अरुणाचल प्रदेश के एक बैंक खाते में RTGS करने को कहा। दूरदराज के राज्य का खाता देखकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित ने बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भिलाई नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया।
मध्य प्रदेश से एक आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच और बैंक खातों के सुरागों का पीछा करते हुए भिलाई पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दबिश देकर 24 वर्षीय आरोपी विशाल नागले को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और पैसे की रिकवरी को लेकर पूछताछ कर रही है।
















