छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का कहर : गंगरेल समेत 4 बड़े बांध लबालब, तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य की जल संरचनाएं उफान पर हैं। धमतरी और गरियाबंद सहित कई जिलों के जल निकायों में तेजी से पानी का स्तर बढ़ा है, जिसके कारण प्रमुख बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। इस स्थिति से कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बांधों की मौजूदा स्थिति और पानी की निकासी
गंगरेल बांध: जलाशय में पानी का भराव 100% तक पहुंचने के बाद सुरक्षा के दृष्टिगत इसके सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। जलग्रहण क्षेत्रों से आ रहे भारी पानी को देखते हुए महानदी में 2 लाख क्यूसेक से अधिक जल छोड़ा जा रहा है।
सिकासार जलाशय: 89% से अधिक भर चुके इस बांध के सभी 12 गेटों को 3-3 फीट तक उठाकर लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
अन्य जलाशय: मुरुमसिल्ली बांध पूरी तरह (100%) भर चुका है, जबकि दुधावा 97% और सोंढूर लगभग 89% क्षमता तक पहुंच गए हैं। इन सभी जलाशयों से भी लगातार जल निकासी जारी है।
आवागमन प्रभावित और जनजीवन पर असर
लगातार हो रही वर्षा और बांधों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। धमतरी जिले के कई पुल-पुलियों और रपटों के ऊपर से पानी बहने के कारण गांवों व शहरों का आपसी संपर्क कट गया है। कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है।
प्रशासन की चेतावनी और निर्देश
जलस्तर में वृद्धि और नदियों के रौद्र रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। आम जनता के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं:
उफनते नदी-नालों, रपटों और बांधों के पास न जाएं।
पुल के ऊपर पानी होने पर वाहन पार करने का जोखिम न उठाएं और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
तटीय व निचले इलाकों में रहने वाले निवासी स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।
















