छत्तीसगढ़

आईजीकेवी दीक्षांत समारोह : आधुनिक तकनीक और वैल्यू एडिशन से बदलेगी छत्तीसगढ़ की खेती

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और युवाओं को तकनीकी नवाचारों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इस भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित कई जाने-माने कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए।

घटती जमीन में अधिक पैदावार की चुनौती: राज्यपाल

समारोह के अध्यक्ष और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 80% अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है। लगातार सिकुड़ती कृषि भूमि के बीच कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन और ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने डिग्रियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि उनके सुनहरे भविष्य की शुरुआत है।

राज्यपाल ने आधुनिक खेती के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा: तकनीकी क्रांति: आज कृषि का स्वरूप बदल रहा है। अब खेती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सैटेलाइट मैपिंग और डेटा एनालिसिस जैसे आधुनिक उपकरणों से संचालित हो रही है।

स्मार्ट कृषि: डिजिटल सॉइल हेल्थ मॉनिटरिंग, मोबाइल ऐप्स के जरिए सलाह और ई-नाम (e-NAM) मंडियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सूरत बदल दी है।

बासमती और आधुनिक खेती: ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब बासमती जैसी प्रीमियम किस्मों के उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसानों को सीधे कॉर्पोरेट मार्केट का लाभ मिल सके। इसके अलावा हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती में भी असीम संभावनाएं हैं।

सरकार की प्राथमिकता में हैं किसान: मुख्यमंत्री

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और खेती को टिकाऊ व मुनाफे का सौदा बनाने के लिए लगातार नीतियां बना रही है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रमुख प्रयासों को साझा करते हुए बताया:

“3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, कृषि यंत्रों की उपलब्धता और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे ड्रोन और डिजिटल तकनीक को खेतों तक पहुंचाकर वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की कड़ी बनें।”

दलहन, तिलहन और बागवानी पर जोर

विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सुगंधित धान के साथ-साथ फल, फूल और मसालों के उत्पादन के लिए भी बेहद अनुकूल है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने शोध और नवाचार का लाभ छत्तीसगढ़ के जमीनी स्तर के किसानों तक पहुंचाएं।

मेधावी छात्रों को मिले पदक और डिग्रियां

इस दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के सफल विद्यार्थियों को उपाधियां बांटी गईं। कुल 128 शोधार्थियों को पी.एच.डी., 518 को स्नातकोत्तर (PG) और 1234 छात्रों को स्नातक (UG) की डिग्रियां दी गईं। साथ ही, विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्रों को 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक से नवाजा गया।

समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने संस्थान का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक, वैज्ञानिक और छात्र-छात्राओं के अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button